हैदराबाद: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता वासीरेड्डी पद्मा ने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के पास दुबई जाने के लिये समय है, लेकिन राज्य के साथ हो रही नाइंसाफी पर अवाज उठाने के लिये वक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री है या नहीं इसको लेकर लोगों में संदेह होने लगा है।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा में लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री इस मामले में पिछले 12 दिनों से चुप्पी साधे हुए हैं।

वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि चंद्रबाबू की असर्मथता की वजह से ही छह करोड़ आंध्रवासी भारी नुकसान उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निधि के मामले में राज्य के लोगों की उंगलियां चंद्रबाबू नायडू की तरफ ही उठ रही हैं। उन्होंने बताया कि बाबू राज्य के लोगों को अपना चेहरा दिखाने की स्थिति में नहीं है।

मुख्यमंत्री पर पिछले चार वर्षों से राज्य के साथ हो रहे अन्याय की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए वासीरेड्डी पद्मा ने कहा कि आंध्रवासी आत्मसम्मान और पुरुषात्व के लिये जाने जाते हैं, लेकिन ऐसे आंध्र वासियों के साथ हो रही नाइंसाफी पर चुप्पी साधने वाले बाबू को क्या सजा देनी चाहिए, इसका फैसला राज्य के लोगों को करना है।

वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि पीठ में छुरा घोंपना और आत्मसमर्पण करना बाबू की आदत है। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. एनटीआर की पीठ में छुरा घोंपकर सत्ता हथिया लिया था और अब सत्ता की बागडोर सौंपने वाली जनता की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। उन्होंने बताया कि वोट के बदले नोट मामले में बचने के लिये बाबू ने पूरे आंध्र प्रदेश को केंद्र के पास गिरवी रख दिया है। इसी लिया राज्य के साथ अन्याय होने के बावजूद पिछले 12 दिनों से बाबू बिलकुल लापता नजर आ रहे हैं।