हैदराबाद: मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की एक विशेषता है - वह अपने राजनीतिक लाभ के लिए स्थिति में बदलाव लाते है।राज्य में 24 घंटे की बिजली आपूर्ति सभी हलकों में एक बड़ी बात हो गई है। अभिनेता और जन सेना के संस्थापक पवन कल्याण ने इस मुद्दे पर केसीआर की जमकर प्रशंसा की और इससे विपक्ष ने अपने आप को अपमानित महसूस किया।

तेलंगाना आंदोलन के दौरान केसीआर ने अपने उद्देश्य के अनुरूप ऐसी रणनीति बनाई कि लोग इसके कायल हो गये। जब से वह मुख्यमंत्री बने हैं तब से वह एक समान उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं। वह मीडिया के सामने अपनी उपस्थिति लगातार बना रहे है और गाहे बगाहे प्रेस कांफ्रेस कर कोई ना कोई नई जानकारी देते हैं। उनकी विशेषता है कि विपक्ष पर कैसे हमला बोला जाए इसकी रणनीति वे पहले ही तैयार कर लेते हैं। उनकी किसी भी आलोचना पर विपक्ष अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए मजबूर हो जाती है।

सभी पार्टियां मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का लाभ लेती हैं - यह एक निश्चित तथ्य है।तेलंगाना आंदोलन के दौरान केसीआर ने कहा था कि पृथक राज्य बनने के बाद किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि पृथक राज्य बनने के बाद वे खुद मुख्य मंत्री बन गये।

इस पर कांग्रेस को छोड़ किसी अन्य ने विरोध नही किया। उन्हें विपक्षी आलोचना बटोरना उनके दृष्टिकोण और कार्यप्रणाली की अनूठी कार्य शैली का एक हिस्सा है। चाहे मिशन भगीरथ हो या परियोजनाओं का दोबारा बनाना, दो बेडरूम घरों की योजना या भेड़ का वितरण, उन्होंने कई नए कार्यक्रमों की शुरुआत की है।

उन्होंने किसानों को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा के बाद विपक्ष के साथ-साथ भाजपा इसका श्रेय लेने में जुटी हुई है। हालांकि 24 घंटे बिजली आपूर्ति से होने वाले नुक्सान को लेकर अब कांग्रेस नया राग आलाप रही है। वास्तव में सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस और भाजपा खुद असमंजस की स्थिति में फंस गयी है।

तेलंगाना के बीजेपी प्रमुख लक्ष्मण का कहना है कि बिजली क्षेत्र में केंद्र द्वारा दिये गये रियायत के कारण तेलंगाना में किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना संभव हो पाया है।। कांग्रेस पार्टी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन को एक साथ रखकर इसके श्रेय लेने की कोशिश की। ये सभी तर्क इन राजनीतिक दलों द्वारा अपने हित में बना रहे हैं।

मामले की सच्चाई यह है कि यदि तेलंगाना को 24 घंटे की बिजली आपूर्ति प्रदान की जा रही है, तो यह छत्तीसगढ़ या किसी भी क्षेत्र से हो, राज्य को बिजली कटौती से छुटकारा मिल गया है और इसका श्रेय केसीआर को जाता है।

किरण कुमार रेड्डी ने एकीकृत आंध्र प्रदेश के चैंपियन के रूप में तर्क दिया था, कि तेलंगाना को बिजली आपूर्ति के मोर्चे पर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बिजली संकट का सामना करना और 24 x 7 बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना एक उपलब्धि है जिसके लिए केसीआर को यह क्रेडिट दिया जाना चाहिए।

अंतिम परिणाम यह है कि किसान जो बिजली के उप-स्टेशनों के बाहर घंटो इंतज़ार करते थे अब वे खुश हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक किसानों पर यह जिम्मेदारी होगी कि वे भूगर्भ जल का दुरुपयोग ना करें।

डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी ने कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की मुफ्त आपूर्ति सुनिश्चित करके एक क्रांति लायी थी। इस दौरानविपक्ष में रहे चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि यदि मुफ्त बिजली आपूर्ति की जाती है तो बिजली के तारों को कपड़े सुखाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

अब हम एक मंच पर पहुंच गए हैं जब मुफ्त 24x7 बिजली की आपूर्ति संभव है। बेशक, ऐसे लोग होंगे जो मुफ्त बिजली की आपूर्ति के तर्क पर सवाल उठाते हैं। हालांकि, यदि एक बिंदु जो स्पष्ट रूप से उभर रहा है, वो यह है कि इस समय केसीआर ने अपने सभी राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के मामले में लामबंद कर दिया है।