चित्तूर: प्रजा संकल्प यात्रा के अंतर्गत वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने जिले के पेनमूरू गांव में मंगलवार को जनसभा को संबोधित किया। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि नायडू ने सत्ता में आने के बाद केवल लूटखसोट ही की है। वे गन्ना उत्पादक किसानों को परेशान कर रहे हैं और यहां जानबूझ कर सहकारी चीनी मिलों को बंद किया जा रहा है।

नायडू के मुख्यमंत्री बनने के बाद सहकारी क्षेत्र में आने वाले चीनी मिलें ही बंद हुई। वास्तव में सरकारी क्षेत्र में आने वाले चीनी मिलों को चलाने की जिम्मेदारी सरकार पर है और इसके बाद ही किसानों को फायदा होगा।

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वाई.एस.राजशेखर रेड्डी जब मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने किसानों को बकाया भुगतान कर फिर से चीनी मिल खुलवाया था जबकि नायडू के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही दोनों चीनी मिलें बंद हो गयी। इससे किसान निजी मिलों को अपना उत्पाद बेचने के लिए मजबूर है।

खास बात यह है कि निजी क्षेत्र की चार कंपनियां फायदे में चल रही हैं। गन्ना उत्पादक किसानों को फिर से फायदा हो इसके लिए फिर से गुड़ का उत्पादन करना होगा। सरकार को पहले यह जानना होगा कि काला गुड़ जमीन के स्वभाव पर निर्भर है। वाई.एस. जगन ने कहा कि चित्तूर डेयरी को जानबूझ कर बंद किया गया।

इससे मजबूरन किसान हेरिटेज को सस्ते दाम पर अपना दूध बेचने के लिए मजबूर हुए। किसी भी मुख्यमंत्री को चाहिए कि पहले वह सहकारी क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें ताकि किसान खुशहाल रह सके। बिजली की कीमत में बेतहाशा वृद्धि किये जाने के कारण कई उद्योग धंधे बंद हो गये है और खास कर ग्रेनाइट उद्योग पर इसका खासा प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने इस संदर्भ में टीडीपी सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए बताया कि पूरे राज्य में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इनके सत्ता में आने के बाद पहले भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाया जाएगा और किसानों के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएंगे।