चित्तूर: वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि चन्द्रबाबू नायडू फिर एक बार मुख्यमंत्री बनते हैं तो सहकारी क्षेत्र के सभी कारखानों का बंद होना तय है। इसका जीता जागता उदाहरण चित्तूर के चीनी मिल ही है। उन्होंने कहा कि चित्तूर में सहकारी क्षेत्र में आने वाले दो चीनी मिल भी बंद होने के कगार पर है।

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इसी तरह चित्तूर के डेयरी को भी नायडू ने योजनाबद्ध तरीके से बंद करा दिया था जिससे किसानों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी। प्रजा संकल्प यात्रा के अंतर्गत जिले के पूतलपट्टू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चित्तूर जिले में कुल 6 चीनी की मिलें हैं, जिसमें चित्तूर और रेणीगुंटा चीनी मिल सहकारी क्षेत्र में आते हैं।

बाकी निजी क्षेत्र में आते हैं। नायडू के मुख्यमंत्री बनने के बाद सहकारी क्षेत्र में आने वाले चीनी मिलें ही बंद हुई। वास्तव में सरकारी क्षेत्र में आने वाले चीनी मिलों को चलाने की जिम्मेदारी सरकार पर है और इसके बाद ही किसानों को फायदा होगा।

वाई.एस.राजशेखर रेड्डी जब मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने किसानों को बकाया भुगतान कर फिर से चीनी मिल खुलवाया था जबकि नायडू के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही दोनों चीनी मिलें बंद हो गयी। इससे किसान निजी मिलों को अपना उत्पाद बेचने के लिए मजबूर है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद उन्होंने लोगों को जो आश्वासन दिया था उसे पूरा करेंगे।