चित्तूर: वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई.एस जगनमोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि पिछले चार साल से सत्ता पर आसीन नारा चन्द्रबाबू नायुडू अपने निर्वाचन क्षेत्र चन्द्रगिरी का तो अभी तक विकास नहीं किया, लेकिन आंध्र प्रदेश की राजधानी को सिंगापुर की तर्ज पर बनाने की बात कर रहे हैं।

प्रजा संकल्प यात्रा के 55 वें दिन दामलचेरुवु में वाई.एस.जगन ने लोगों की समस्याओं को जाना। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने गांव से प्यार होता है। मुख्यमंत्री का पैतृक गांव नारावारापल्ले है जबकि उनकी प्राथमिक शिक्षा शेषापुरम में हुई। चन्द्रगिरी उनका निर्वाचन क्षेत्र है। मुख्यमंत्री ने जहां प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी वह विद्यालय अब जर्जरावस्था में है। इससे इस बात का अंदाज लगाया जा सकता है कि राज्य में स्कूलों की क्या स्थिति होगी।

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70 प्रतिशत गांवों में पेय जल सुविधा उपलब्ध नहीं है। दामलचेरुवु मार्केट यार्ड़ से हर साल 100 करोड़ का लेन-देन होता है। चंद्रगिरी में वाई.एस.राजशेखर रेड्डी ने 100 बिस्तर वाले अस्पताल के लिए जीओ जारी किया था। उनके निधन के बाद इस जीओ को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि 1979 में नारा चन्द्र बाबू नायुडू ने चन्द्रगिरी से कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा और 2500 वोट से चुनाव जीतकर विधायक बनें।

बाद में वाई.एस.राजशेखर रेड्डी की सिफारिश पर मंत्री भी बने। वर्ष 1983 में चन्द्रगिरी से उन्हें चुनाव हारना पड़ा। बाद में वे कांग्रेस छोड़ टीडीपी में शामिल हुए। सत्ता की लालच में उन्होंने अपने ससुर टीडीपी के संस्थापक एन.टी.रामाराव के साथ धोखाधड़ी कर उन्हे सत्ता से हटाकर खुद मुख्यमंत्री बन गये।

इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी मानसिकता किस तरह की है। चुनाव के दौरान लोगों को कई आश्वासन देने वाले मुख्यमंत्री ने एक भी आश्वासन को पूरा नहीं किया। आज हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार व्याप्त है। अब लोगों को इस बात का फैसला करना होगा कि राज्य में किस तरह के नेतृत्व की जरूरत है।