चित्तूर: मुख्यमंत्री नारा चन्द्रबाबू नायुडू की पोल खोलते हुए एक किसान वेंकटाचलम ने बताया कि हेरिटेज डेयरी के फायदे के लिए मुख्यमंत्री ने जान बूझकर चित्तूर डेयरी को बंद कराया था और वह तब से आंदोलन कर रहा है ।वेंकटाचलम ने कहा कि उसने उसी वक्त प्रण लिया था कि चित्तूर डेयरी दुबारा नहीं खुलता है तब तक ना ही वह कमीज पहनेगा और ना ही पैरों में चप्पल पहनेगा और वह पिछले 11 वर्षों से अपने इस प्रण पर अटल है।

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55 वें दिन प्रजा संकल्प यात्रा के संदर्भ में चंद्रगिरी निर्वाचन क्षेत्र के दामलचेरुवु में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में वाई.एस जगन ने वेंकटाचलम से बातचीत कराई। वेंकाटाचलम ने बताया कि चित्तूर डेयरी 6 हजार लीटर से आरंभ हुआ और और काफी तेजी से विकास करने लगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री नारा चन्द्रबाबू नायुडू ने हेरीटेज को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से चित्तूर डेयरी को इस कदर नुक्सान पहंचाया कि आखिरकार यह बंद हो गया।

इससे किसानों को मजबूरन अपना दूध हेरीटेज को सस्ते दाम में उपलब्ध कराना पड़ रहा है। उसने कहा कि चित्तूर डेयरी को दुबारा आरंभ कराना ही उसका एक मात्र उद्देश्य है। ताकि किसानों को फायदा हो सके। उसने बताया कि चित्तूर डेयरी ही नहीं बल्कि नायडू ने रेणीगुंटा और चित्तूर शक्कर की फैक्टरी को भी बंद करा दिया था।

वाई.एस राजशेखर रेड्डी के सत्ता में आने के बाद जब उनका ध्यान इस ओर आकृष्ट किया गया तब उन्होंने इन दोनों फैक्टिरियों को दुबारा चालू कराया, लेकिन सत्ता में आने के तुरंत बाद नायडू ने फिर एक बार इसे बंद करा दिया। इस पर वाई.एस जगन ने वेंकाटाचलम को आश्वासन दिया कि वे सत्ता में आते हैं तो चित्तूर डेयरी को दुबारा आरंभ करने के साथ-साथ रेणीगुंटा और चित्तूर शक्कर फैक्टरी को दुबारा आरंभ करेंगे।