नई दिल्ली: टीआरएस के विधायक चेन्नमनेनी रमेश को फिर एक बार निराशा हाथ लगी है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने यह कहते हुए झटका दिया कि वे भारत के नागरिक नहीं है। उनकी नागरिकता को लेकर दायर प्रति याचिका को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया।

उल्लेखनीय है कि अपनी नागरिकता रद्द किये जाने को लेकर चुनौती देते हुए चेन्नमनेनी रमेश ने पूर्व में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायलय ने उनके इस याचिका को ठुकरा दिया। इससे उन्होंने फिर एक बार पुनर्विचार याचिका दायर की।

इस पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सरकार ने उनकी इस याचिका को खारिज करते हुए आदेश जारी किया। वर्ष 2009 में टीडीपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले चेन्नमनेनी रमेश वर्ष 2014 में टीआरएस के टिकट पर चुनाव लड़ा और वेमुलवाडा के विधायक चुने गये।

उनके शपथ पत्र से यह साफ हो गया कि चेन्नमनेनी रमेश को भारत की नागरिकता प्राप्त नहीं है। उनके हाथों पराजित होने वाले कांग्रेस उम्मीदवार ने उनकी नागरिकता को लेकर चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की।

उन्होंने अपने आरोप पत्र में कहा कि जर्मन में प्रोफेसर के रूप में काम कर चुके चेन्नमनेनी रमेश ने वर्ष 1993 में ही भारतीय नागरिकता रद्द करा ली थी। इस महीने की 13 तारीख को केन्द्रीय गृह मंत्रालय में इस मामले की सुनवाई हुई।अब केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके पास भारतीय नागरिता नही है। इससे उन्हे विधायक पद छोड़ना पड़ सकता है।