कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा की अपनी सीट छोड़ने के एक दिन बाद मुकुल रॉय ने गुरुवार को कहा कि नई पार्टी बनाने की उनकी कोई योजना नहीं है। मुकुल रॉय चुनाव आयोग जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह वहां नई पार्टी बनाने के प्रस्ताव के बारे में चर्चा करने नहीं जा रहे हैं बल्कि आगामी विधानसभा उपचुनाव पर चर्चा करने जा रहे हैं>

पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए मुकुल रॉय ने एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा, पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव नवम्बर में होंगे और मैं चुनाव आयोग से आग्रह करुंगा कि सुनिश्चित करें कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों। इस बारे में चुनाव आयोग को मैं सुझाव दूंगा।

यह पूछने पर कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगे, तो रॉय ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उनके एक निकट सहयोगी ने बताया कि दिवाली के बाद वह ऐसा कर सकते हैं। भाजपा के बारे में पूछने पर रॉय ने चैनल से कहा, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। लेकिन उन्होंने नई पार्टी बनाने से इंकार किया।

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उन्होंने कहा, मैं फिर से कहना चाहता हूं कि नया राजनीतिक संगठन बनाने की मेरी कोई योजना नहीं है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद कुणाल घोष ने कहा कि सारदा, नारद और अलकेमिस्ट घोटाले के सिलसिले में रॉय की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

सारदा घोटाले के आरोपी घोष ने कहा कि उन्होंने सीबीआई को आवेदन देकर रॉय के साथ संयुक्त रुप से पूछताछ किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा, मैं मुकुल रॉय को चुनौती देता हूं कि सारदा मुद्दे पर मेरे साथ साझा संवाददाता सम्मेलन करें।

घोष के बयान के बारे में पूछने पर मुकुल रॉय ने बताया, मैं फिर से कहना चाहता हूं कि मैं सीबीआई और ईडी के साथ पूरा सहयोग करुंगा। वे जब भी पूछताछ के लिए बुलाएंगे, मैं पेश हो जाऊंगा।