भोपाल : मंदसौर गोलीकांड के खिलाफ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस का 72 घंटे का सत्याग्रह खत्म होने के बाद शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनकी पार्टी का सिर्फ एक ही मकसद है और वह है शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकना।

कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए ज्योतिरादित्य ने कहा, "शिवराज सरकार किसान विरोधी है, वह किसानों पर अत्याचार कर रही है। बेरोजगारों के लिए भी इस सरकार ने कुछ नहीं किया है, इस जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकना ही कांग्रेस का मकसद है।"

कांग्रेस में व्याप्त गुटबाजी और हाईकमान द्वारा संभावित जिम्मेदारी सौंपे जाने के सवाल का ज्योतिरादित्य ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हम सब एक साथ है, कांग्रेस एकजुट है, जहां तक मेरी भूमिका का सवाल है, तो वह जनता तय करेगी।

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सिंधिया ने कहा, "शिवराज सरकार अपने को किसान हितैषी कहकर प्रचारित करती है, मगर हकीकत कुछ और है। किसान बहुत परेशान हैं, इसीलिए उन्होंने आंदोलन किया और जब आंदोलन किया तो उन पर गोलियां बरसा दी गईं। छह किसान मारे गए। ये स्थितियां राज्य में किसानों की वास्तविक हालात को बयां करती हैं।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई अब अगली रणनीति बनाएगी और उसी के मुताबिक पार्टी के नेता आगे बढ़ेंगे, कांग्रेस का किसानों के हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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इससे पहले, सत्याग्रह के मंच से राज्यसभा सदस्य सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार में शामिल जो लोग आज किसान और खेती की बात कर रहे हैं, उन्हें किसानों की हालत का अंदाजा ही नहीं है। कांग्रेस के काल में गेहूं का समर्थन मूल्य साढ़े छह सौ से साढ़े ग्यारह सौ रुपये प्रति क्विंटल किया गया था। मौजूदा सरकार किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम देने की बात करती रही है, मगर ऐसा हुआ नहीं।

सभा और संवाददाता सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई नेता मौजूद थे।