जम्मू : जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से की गयी गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक सहायक कमांडेंट रैंक के अधिकारी समेत इसके चार कर्मी शहीद हो गए और तीन अन्य घायल हो गए। बीएसएफ ने बताया कि हाल में सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक में संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।

बीएसएफ ने इसका सम्मान किया , लेकिन पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। हाल में प्राप्त आंकड़े में यह खुलासा हुआ है कि जम्मू कश्मीर में वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के पास गोलीबारी की घटनाओं में इस साल अब तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 11 जवान शहीद हो चुके हैं।

यह आंकड़ा पिछले पांच सालों में इस अवधि के दौरान सबसे ज्यादा है। बीएसएफ की पश्चिम कमान के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के. एन. चौबे ने आज यहां संवाददाताओं को बताया , ‘‘ चूंकि संघर्ष विराम जारी है... ऐसे समय में हम अपने रक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं।

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रक्षा सामग्री के साथ एक टीम जा रही थी। तभी पाकिस्तान ने संघर्ष विराम उल्लंघन करते हुए उनके ऊपर गोलीबारी की और मोर्टार दागे। इसी के चलते जवान शहीद हुए। '' उन्होंने बताया कि उन्हें निकाल कर सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिये सहायक कमांडेंट जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में बीएसएफ की एक अन्य टीम भेजी गयी लेकिन उनके ऊपर पाकिस्तान के असरफ पोस्ट से दागे गए मोर्टार का एक गोला बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) चांबिलियल में उनके पास फटा।

इसके नतीजतन सैन्यकर्मियों की शहादत हुई। बीएसएफ के एडीजी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। संघर्ष विराम की जो घोषणा हुई एवं जिस पर सहमति बनी , उसका सम्मान होना चाहिए।

''उन्होंने कहा , हमने इसका सम्मान किया जबकि पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया। पाकिस्तान जो करता है वह उसका मामला है और हम कैसे इसका मुंहतोड़ जवाब देते हैं , यह हमारा काम है। '' यह पूछे जाने पर कि क्या बीएसएफ इस पर विरोध दर्ज करायेगी , उन्होंने कहा , जाहिर तौर पर , ऐसा होगा। '' उन्होंने कहा कि इसमें पाकिस्तान के विशेष बल बैट की किसी संलिप्तता के बारे में कहना अभी जल्दबाजी होगी।

बीएसएफ (जम्मू फ्रंटियर) के महानिरीक्षक (आईजी) राम अवतार ने पीटीआई - भाषा को बताया , पाकिस्तानी रेंजर्स ने कल रात सीमा पार से रामगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की।

महबूबा ने पाकिस्तान की गोलीबारी में बीएसएफ कर्मियों की मौत पर शोक जताया

जम्मू - कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान रेंजर्स की गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के चार कर्मियों की मौत को लेकर गहरा क्षोभ और शोक जताया। सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान रेंजर्स की गोलीबारी में सहायक कमांडेंट रैंक के एक अधिकारी सहित बीएसएफ के चार कर्मियों की मौत हो गयी और तीन अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने मृत सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए पिछले कुछ महीने से निराशाजनक स्थिति में फंसे सीमा पर रहने वाले लोगों की जान माल की हिफाजत के लिए सीमाओं पर शत्रुता खत्म की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य में दूसरी जगहों पर अभियान रोकने से लोगों ने राहत की सांस ली है ।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि सीमाओं पर भी ऐसा किया जाए और इन इलाकों में दोबारा शांति का माहौल पैदा हो जहां 2003 के आसपास दोनों पड़ोसी देशों की शांति की कोशिशों के कारण एक दशक से ज्यादा समय तक शांति थी। महबूबा ने बीएसएफ कर्मियों की आत्मा के लिए शांति की कामना की और उनके शोकसंतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति जतायी।

बीएसएफ ने कहा कि उसने हाल में हुई सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक में संघर्ष विराम को लेकर बनी सहमति का सम्मान किया लेकिन पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। बीएसएफ की पश्चिम कमान के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के . एन . चौबे ने आज यहां संवाददाताओं को बताया , चूंकि संघर्ष विराम जारी है ... ऐसे समय में हम अपने रक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं। रक्षा सामग्री के साथ एक टीम जा रही थी। तभी पाकिस्तान ने संघर्ष विराम उल्लंघन करते हुए उनके ऊपर गोलीबारी की और मोर्टार दागे। इसी के चलते जवान शहीद हुए। '' उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। संघर्ष विराम की जो घोषणा हुई एवं जिस पर सहमति बनी , उसका सम्मान होना चाहिए। ''