नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी(आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसद में 'अनुपस्थिति' को लेकर मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल की है।

अदालत ने इस मामले की सुनवाई बुधवार के लिए सूचीबद्ध की है।

इससे पहले सोमवार को आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने ऐसी ही एक याचिका दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दाखिल की थी।

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सिंह ने कहा, "बीते चार वर्षो में, प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में मुश्किल से 19 बार बोला है। उन्होंने सरकार के विधेयक पर बस एक बार बोला है, पांच बार उन्होंने अपने मंत्रियों का परिचय दिया है, धन्यवाद प्रस्ताव पर छह बार बोला है और विशेष बहस में केवल दो बार शामिल हुए हैं।"

उन्होंने कहा, "यह वही आदमी है, जिसने बीते चार वर्षो में पूरे देशभर में 800 रैलियां की है।"

उन्होंने कहा, "विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से गंभीर विषयों जैसे नोटबंदी, महंगाई, किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, बैंक घोटाले, भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार देना, महिला

सुरक्षा आदि मुद्दों पर बयान देने की मांग की। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध ली।"

आप सांसद ने कहा, "हर 14 दिनों पर वह रेडियो पर 'मन की बात' करते हैं, लेकिन संसद में नहीं बोलते हैं। संसद भवन परिसर के अंदर अपने कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद वह संसद नहीं आते हैं।"

सिंह ने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय से प्रधानमंत्री मोदी को लगातार संसद सत्र में शामिल होने और सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देने के लिए निर्देश देने की मांग की है।