पटना: मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में तीन बालिकाओं के गर्भवती होने के खुलासे के बाद हंगामा बरपा हुआ है। सरकार को इस मामले में जहां शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मुखर हैं।

तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि इस संवेदनशील मामले में मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम चुप क्यों हैं। राजद नेता ने ट्वीट कर सवाल किया कि किन किन नेताओं और अफसरों के यहां लड़कियों की सप्लाई होती थी।

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हालांकि इस ट्वीट पर लोगों ने तेजस्वी के खिलाफ प्रतिक्रिया दी। आम लोगों के मुताबिक तेजस्वी राजनीति के लिए बिहार की बेटियों को बदनाम कर रहे हैं।

बता दें कि मुजफ्फरपुर में सरकार द्वारा संचालित बालिका गृह में रहने वाली बच्चियों के साथ यौन शोषण और हिंसा की खबरें आई हैं। इस बारे में मुंबई की प्रतिष्ठित संस्था 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस' नें अपनी सोशल ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा किया।

प्रतिष्ठित TISS के खुलासे के बाद प्रशासन की नींद खुली और आनन फानन में जांच करवाई गई। जिसके बाद पता चला कि बालिका गृह में रहनेवाली तीन बच्चियां गर्भवती हैं। मामले में बालिका गृह के संचालकों और कर्ताधर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

वहीं तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बालिका गृह की तरफ से संचालित पत्रिका के लिए विज्ञापन के नाम पर पीआरडी की तरफ से बड़ी रकम जारी की गई। हालांकि विपक्षी पार्टी के नेता के आरोपों पर बीजेपी और जदयू के बड़े नेता चुप ही है।