हैदराबाद : विधानसभा से निष्कासित कांग्रेस विधायक कोमटिरेड्डी वेंकटरेड्डी और संपत कुमार को एक बार फिर हाई कोर्ट में बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने सोमवार को टीआरएस विधायकों की दायर याचिका को खारिज किया।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा सत्र के दौरान विधान परिषद चेयरमैन स्वामी गौड़ पर हेडफोन फेंक कर घायल किये जाने का आरोप लगाते हुए टीआरएस के 12 विधायकों ने कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी और संपत कुमार की सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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इससे पहले हाई कोर्ट के सिंगल जज ने फैसला दिया था कि वेंकट रेड्डी और संपत कुमार की सदस्यता रद्द किया जाना गैर कानूनी है। इसी फैसले को चुनौती देते हुए टीआरएस के 12 विधायकों ने हाई कोर्ट की खंडपीठ में वेंकट रेड्डी और संपत की सदस्यता को रद्द किये जाने की मांग करते हुए पुन: याचिका दायर की थी। इस अवसर पर खंडपीठ ने कहा कि सिंगल जज के फैसले को चुनौती देने का अधिकार टीआरएस विधायकों को नहीं है। यदि चुनौती देना चाहते हैं तो पहले कोर्ट की अनुमति लेनी होगी।

विधायकों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक मनु संघ्वी और वैद्यनाथ ने सुनवाई की। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस मामले के प्रतिवादी सरकार और चुनाव आयोग मात्र है। टीआरएस के विधायकों को इस मामले हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। इस सुनावाई के बाद खंडपीठ ने टीआरएस विधायकों की दायर याचिका को खारिज कर दिया है।