हैदराबाद : दमा (अस्थमा) से निजात पाने के लिए हैदराबाद में प्रति वर्ष मृगशिरा नक्षत्र में मछली में दवाई दी जाती है। इस दवाई का वितरण मुफ्त किया जाता है। हैदराबाद के एक्जीबिशन ग्राउंड पर इस दवाई का वितरण किया जाता है। इस समय पडोसी राज्यों के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़े पैमाने पर दमा से पीड़ित मरीज दवाई लेने आते हैं। लोगों में विश्वास बना हुआ है कि इस दवाई के सेवन से दमा से निजात मिलती है।

बताया जा रहा है कि प्रति वर्ष मृगशिरा नक्षत्र में बत्तिनी बंधू अस्थमा से पीड़ित मरीजों में छोटी सी मछली की मुंह में डाली हुई दवाई का वितरण करते हैं। इस दवाई को मरीजों के मुंह में डाली जाती है। मरीज को मछली निगलनी होती है। बत्तिनी परिवार द्वारा गत 170 वर्ष से यह वितरण मुफ्त किया जा रहा है। इसके लिए एक्जीबिशन ग्राउंड पर तैयारियां की जाती है। इस क्रम में मृगशिरा नक्षत्र में दवाई के वितरण को लेकर जोरों पर तैयारियां की जा रही है।

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इस वर्ष 7 जून को सुबह 11 बजे दूधबावली स्थित बत्तिनी बंधू के स्वगृह पर सत्यनारायण व्रत और बावली की पूजा आयोजित की जा रही है। 8 जून को सुबह 6 बजे दूधबावली स्थित स्वगृह पर बत्तिनी परिवार के सदस्य मछली के मुंह में डाल कर दी जानेवाली इस दवाई का सेवन करेंगे। तत्पश्चात एक्जीबिशन ग्राउंड पर दमा से पीड़ित मरीजों में दवाई का वितरण किया जाएगा। यह वितरण 8 तारीख को सुबह 08:30 बजे और 9 जून को सुबह 8 बजे से किया जाएगा।

बता दें कि अस्थमा से पीड़ित मरीजों में गत 170 वर्ष से मछली की मुंह में दवाई डालकर दवाई खिलाई जा रही है। यह कार्य बत्तिनी गौड परिवार की तीन पीढ़ियों से किया जा रहा है। बत्तिनी परिवार के वीरन्ना गौड और शिवराम गौड ने इस वितरण का आरंभ किया था। तत्काल में बत्तिनी परिवार को लोगों में पहचान बन गई है। बत्तिनी परिवार के तीसरे पीढ़ी के सदस्य शंकरय्या गौड द्वारा किया गया। शंकरय्या गौड परिवार में शिवराम गौड, सोमलिंगम गौड, विश्वनाथम गौड, हरिनाथ गौड, उमामहेश्वर गौड करते आए। इन पांच भाइयों में से शिवराम गौड, सोमलिंगम गौड और उमामहेश्वर गौड का निधन हो चुका है। वर्तमान में इस वितरण को बत्तिनी परिवार के विश्वनाथम गौड और हरिनाथ गौड 8 व 9 जून को दमा से पीड़ित मरीजों मछली के मुंह में डालकर दी जानेवाली दवाई का मुफ्त वितरण करेंगे। यह जानकारी बत्तिनी परिवार के हरिनाथ गौड दी।