नोएडा : इंडिया वर्चुअल हॉस्पिटल (आईवीएच) ने राष्ट्रीय फार्टिलाइजर लिमिटेड के कार्यालय में हेल्थ केयर असिस्टेंस प्रोग्राम (एचसीएपी) शुरू किया, जिसमें तनाव से निपटने के गुर बताए गए। विशेषज्ञ ने बताया कि आज के दौर में तनाव का प्रबंधन सीखना एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है।

आईवीएच में एचसीएपी के प्रमुख, राय उमरोपती रे ने कहा,"परामर्श सत्रों की पहली श्रृंखला में सकारात्मक और स्वास्थ्य जागरूक होने के साथ-साथ तनाव को कम करने और प्रबंधित करने के तरीके पर ध्यान केंद्रित किया। कर्मचारियों की स्वास्थ्य जोखिम प्रोफाइलिंग को लेकर दिनभर की कार्यशाला हुई, इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों, पोषण विशेषज्ञों और योग शिक्षकों ने चर्चा सत्र अयोजित किया।"

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2005 से 2015 तक दिल की बीमारी, स्ट्रोक और मधुमेह से होने वाली मौत के कारण देश के राष्ट्रीय आय में लगभग 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। पीएसआरआई अस्पताल के कंसल्टेंट मनोचिकित्सक डॉ. परमजीत सिंह ने कहा,"तनाव आज के समय में एक बढ़ती समस्या है। हममें से प्रत्येक व्यक्ति तनाव से जूझ रहा है। इसलिए तनाव का प्रबंधन सीखना आज के समय में एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है। कॉर्पोरेट और अन्य समूहों से बात करना इस मानसिक स्वास्थ्य समस्या के प्रबंधन में उनकी सहायता करने की एक बड़ी पहल है।"

पीएसआरआई अस्पताल के क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक सना खुल्लर ने तनाव मुक्त तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा,"तनाव सबसे बड़ी बीमारी है और इसे जब सही तरीके से प्रबंधित नहीं किया जाता है, तो यह शारीरिक बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और इसके सबसे बुरे कारणों से भी घातक हो सकता है।"