मुंबई : आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल ने बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चंदा कोचर पर लगे आरोपों की तहकीकात के लिए व्यापक जांच शुरू करने का फैसला लिया है। एक अज्ञात व्हिसलब्लोअर का आरोप है कि चंदा कोचर ने बैंक के आचार संहिता का पालन नहीं किया।

बैंक ने बुधवार को विनियामक संबंधी रिपोर्ट में कहा, "निदेशक मंडल ने व्हिसल ब्लोअर द्वारा बैंक की एमडी व सीईओ के बैंक की आचार संहिता और हितों के टकराव से जुड़े विधिक व विनियमन संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं करने के आरोप के मामले की तहकीकात के लिए अपनी 29 मई 2018 की बैठक में एक स्वतंत्र व विश्वसनीय व्यक्ति की अध्यक्षता में एक जांच गठित करने का फैसला लिया। साथ ही, उनके द्वारा बैंक के कुछ ग्राहकों व लेनदेनों के साथ व्यवहार में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया गया है।"

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बैंक ने कहा कि जांच व्यापक स्तर पर होगी जिसमें तथ्यों की तहकीकात से जुड़े सभी मसले शामिल होंगे। जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक जांच, ईमेल की दोबारा जांच और संबंधित अधिकारी का बयान दर्ज किया जाएगा।

बैंक ने कहा कि मसले को सुलझाने के लिए की जाने वाली तहकीकात के क्रम में सभी संबंधित मामलों को जांच के दायरे में लाया जाएगा।

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आईसीआईसीआई बैंक ने 25 मई को बताया कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बैंक और उसके एमडी व सीईओ चंदा कोचर से पूर्व में सूचीबद्ध करार और सूचीबद्ध दायित्व व खुलासे संबंधी आवश्यकताओं से संबंधित कानून 2015 का कथित तौर पर अनुपालन नहीं करने पर जवाब मांगा।

सेबी ने कोचर पर लगाए गए आरोप के एक महीने बाद नोटिस भेजा। कोचर पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने वीडियोकॉन समूह को गलत तरीके से कर्ज दिया और उनके पति की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स ने वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत से ऋण के तौर पर प्राप्त किया।