नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक चल रही है. इस बैठक में पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर चर्चा होगी। पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत पहुंचाने के लिये सरकार कोई कदम उठा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से देश में पेट्रोल, डीजल के दाम रिकार्ड स्तर पर पहुंच गये हैं। पेट्रोल , डीजल के दाम में उत्पाद शुल्क का हिस्सा मात्र एक चौथाई ही है।

पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले एक सप्ताह के दौरान पेट्रोल , डीजल के दाम में अंतरराष्ट्रीय बाजार के बढ़ते दाम के मुताबिक वृद्धि की है। इस वृद्धि से दिल्ली में पेट्रोल 76.87 रुपये और डीजल का दाम 68.08 रुपये लीटर तक पहुंच गया। पिछले नौ दिन में पेट्रोल का दाम 2.24 रुपये और डीजल का दाम 2.15 रुपये लीटर बढ़ गया।

इससे पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान 19 दिन तक तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के दाम में रोजाना होना वाला फेरबदल नहीं किया।

बता दें केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगाती है जबकि डीजल पर 15.33 रुपये लीटर की दर से उत्पाद शुल्क लगता है। राज्यों में वैट की दर अलग अलग है। उत्पाद शुल्क की दर प्रति लीटर निर्धारित है लेकिन राज्यों में वैट की दर मूल्यानुसार लगती है। दाम बढ़ने पर वैट प्राप्ति भी बढ़ती है। दिल्ली में अप्रैल माह में पेट्रोल पर प्रति लीटर वैट 15.84 रुपये जबकि डीजल पर यह 9.68 रुपये प्रति लीटर था लेकिन मई माह में आज यह पेट्रोल पर 16.34 रुपये और डीजल पर 10.02 रुपये प्रति लीटर है।