रांची : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशानुसार आज रांची की विशेष सीबीआई अदालतों ने इलाज के लिए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी जिसके बाद शाम को उन्हें बिरसा मुंडा जेल से रिहा कर दिया गया और वह शाम की उड़ान से पटना रवाना हो गये।

इससे पूर्व आज उच्च न्यायालय से उन्हें इलाज के लिए मिला अंतरिम जमानत का आदेश सीबीआई की विशेष अदालतों तक पहुंच गया और दोनों विशेष सीबीआई अदालतों ने उनकी जमानतें मंजूर कर लीं। विशेष सीबीआई अदालत में आज चारा घोटाले से जुड़े तीनों मामलों में अलग अलग जमानती मुचलके भरने की प्रक्रिया पूरी की गयी। प्रत्येक मामले में दो जमानतदारों ने उनकी जमानत ली।

लालू प्रसाद के खिलाफ दो मामलों में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने और एक मामले में आर आर प्रसाद की अदालत ने सजा सुनायी थी, लिहाजा इन तीनों ही मामलों में उन्हें जमानतदारों के साथ बेल बांड भरना पड़ा।

लालू पर अदालतों ने अनेक पाबंदियां लगाई हैं जिनमें मीडिया से बात न करना, राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल न होना भी शामिल हैं। लालू को अपने इलाज का विवरण भी अदालत को देना होगा। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार लालू को आज से 42 दिन बाद अपनी सजा पूरी करने के लिए जेल वापस लौटना है।

लालू के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि अदालतों के जमानत पर रिहाई के आदेश बिरसामुंडा जेल भेजे गये जिसके बाद शाम लगभग चार बजे लालू यादव को जेल से रिहा किया गया। जेल से सीधे वह रांची हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गये जहां से पटना के लिए उड़ान भरी।

इससे पूर्व तीन दिनों की पैरोल पर अपने बड़े पुत्र तेज प्रताप के विवाह में शामिल होने के बाद लालू 14 मई को यहां लौटे थे और अधिकारियों ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा जेल भेज दिया क्योंकि झारखंड उच्च न्यायालय से उन्हें इलाज के लिए शुक्रवार को मिले अंतरिम जमानत का आदेश सीबीआई की विशेष अदालत में नहीं पहुंच सका था।