मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विवेक कुमार के तीन ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) के छापे में कई अहम खुलासे हुए हैं। विवेक कुमार पर माफिया से सांठ गांठ से जुड़े सुबूत कथित तौर पर मिलने के दावे किये जा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर के सरकारी आवास से छह लाख नकद, साढ़े पांच लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण और करीब 45 हजार रुपये के पुराने नोट मिले हैं। इसके अलावा एसएसपी के यूपी स्थित पैतृक आवास पर भी छापेमारी की गई है। जबकि उनके ससुराल पहुंची पुलिस को ताला लटका मिला।

तेजतर्रार विजिलेंस आईजी रत्न संजय के नेतृत्व में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। ये वही रत्न संजय हैं जिन्होंने सिवान में बाहुबली शहाबुद्दीन को नाको चने चबवाए थे।

विशेष निगरानी इकाई ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। बस मुख्यमंत्री के आदेश का इंतजार है, इसके बाद एसएसपी विवेक कुमार को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

पुलिस ने आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। बताया जाता है कि इसके लिए तीन हथकड़ियां मंगाई गई है। जाहिर बिहार पुलिस अपने वरीय अधिकारी पर कोई मुरव्वत करने को तैयार नहीं है। आम अपराधी की ही तरह उन्हें हथकड़ी पहनाया जाएगा और कोर्ट में पेशी होगी।

मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार इससे पहले भागलपुर में पोस्टेड थे। वहां से ही उनके खिलाफ कई शिकायतें शासन को मिली। यहां तक कि आईपीएस विवेक पर शराब माफियाओं से सांठगांठ के संगीन आरोप लगे हैं।

अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक एसएसपी की करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। अगर विवेक कुमार की गिरफ्तारी होती है तो किसी एसएसपी स्तर के अधिकारी के साथ बिहार में पहली बार ऐसा होगा।

इससे पहले 2008 में एसवीयू ने बिहार के तत्कालीन डीजी होमगार्ड एवं पूर्व डीजीपी नारायण मिश्रा के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की थी।

बता दें कि सोमवार सुबह एसएसपी तब हक्के बक्के रह गए जब विजिलेंस एसपी अरुण कुमार शर्मा के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने उन्हें घेरे में ले लिया। साथ में एक 47 से लैस बीएमपी के जवान भी थे। मुख्य दरवाजा बंद करवा दिया गया और कार्रवाई शुरू की गई। एसएसपी के चौकीदारों और आवास पर तैनात कर्मियों को बाहर निकाल दिया गया।