हैदराबाद : कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायक कोमटीरेड्डी वेंकटरेड्डी तथा संपत रेड्डी के खिलाफ पर गिराई गई आयोग्यता की गाज को खारिज करते हुए हाईकोर्ट द्वारा दिये गए फैसले का स्वागत किया है और फैसले को केसीआर सरकार के लिए एक तमाचा बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बजट सत्र के दौरान उनकी पार्टी के सदस्यों को आयोग्य ठहराया था।

उन्होंने कहा कि टीआरएस सरकार का पतन शुरू हो चुका है अत: केसीआर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष एन. उत्तम कुमार रेड्डी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कोमटीरेड्डी वेंकट रेड्डी, डी.के. अरूणा ने मीडिया से बात की।

डिजाइन फोटो 
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100 केसीआर आएंगे तो भी मेरा कुछ बिगाड़ नहीं सकते

कांग्रेस विधायक कोमटीरेड्डी वेंकटरेड्डी ने कहा, 'केसीआर ने पिछले एक महीने तक उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया और मेरे साथी की हत्या भी करावई। परंतु अदालतें मेरे साथ खड़ी रहीं। दुसरों के लिये खोदे गये गड्ड में केसीआर खुद गिर गये हैं। जो गलती नहीं की थी, इसके लिए मेरे साथ मेरे साथी व दलित विधायक संपत कुमार को भी आयोग्य ठहराया गया। क्या ये सच नहीं कि मेरे साथी की हत्या करने से जुडी बातों का खुलासा कॉल डेटा से हुआ था। भगवान मेरे साथ रहने तक केसीआर जैसे 100 लोग आएंगे तो भी कुछ नहीं होगा।

जनता के समर्थन से आगे बढ़ रही कांग्रेस

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि विधायक कोमटीरेड्डी वेंकट रेड्डी और संपत कुमार पर बहिष्कार की गाज को खारिज करते हुए हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अदालत का फैसला निरंकुश टीआरएस सरकार के गाल पर एक तमाचा है। अलोकतांत्रिक कार्रवाइयों से सवाल करने वालों की आवाज बंद करने की कोशिश में लगी केसीआर सरकार का पतन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को न्याय पर भरोसा है और वह लोगों के समर्थन के साथ आगे बढ़ रही है।

विपक्ष के साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव

कांग्रेस विधायक डी.के. अरूणा ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला टीआरएस सरकार के लिये बड़ी सबक है, क्योंकि सरकार विपक्ष के साथ दुश्मनों की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि केसीआर को एक दिन के लिये भी मुख्यमंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।