नई दिल्ली : देश के कई राज्य कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि जैसे नोटबंदी के समय थे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी मंगलवार को इस सात स्वीकार किया और कैश की किल्लत से निजात दिलाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। RBI का कहना है कि दो-तीन दिन में समस्या सुधर जाएगी।

वहीं इस बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि 'कुछ राज्यों में ज्यादा पैसे भेज दे गए हैं, जिसके कारण यह समस्या खड़ी हुई है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'कैश की ज्यादा निकासी के कारण भी यह समस्या पैदा हुई है।' जेटली ने ट्वीट कर कहा कि 'कुछ राज्यों में असामान्य वृद्धि के कारण यह समस्या खड़ी हुई है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।'

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बता दें कि बिहार, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, असम और मध्य प्रदेश कैश की कमी के कारण हालात ज्यादा चिंता जनक हैं।

इस बारे में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री रिजर्व बैंक पैसों की राज्यों में असमानता को खत्म कर रहा है। एक राज्य से दूसरे राज्य में पैसे पहुंच रहे हैं। बिना रिजर्व बैंक के आदेश के ही प्रांतों में स्थ‍िति कैसे ठीक की जा सकती है, इसका अध्ययन कर रहे हैं। पैसे की कोई कमी नहीं है। नोटबंदी की तरह कमी नहीं होने देंगे। हालात ठीक हो जाएंगे।'

असमानता के बारे में बताते हुए शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि कुछ राज्य में पैसा ज्यादा चला गया है, कुछ में कम रह गया, लेकिन रिजर्व बैंक से इस बारे में बात हो गई है।