हैदराबाद : वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं एमएलसी उम्मा रेड्डी वेंकटेश्वरलू ने कहा है कि आंध्र प्रदेश बंद को चंद्रबाबू नायडू ने असफल बनाने का प्रयास किया है। विशेष दर्जे की मांग को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, अन्य राजनीतिक दलों और जन संघों ने सोमवार को राज्य स्तर बंद का आह्वान किया है। बंद को देखते हुए पांच करोड़ लोगों की भावनाओं के बारे में चंद्रबाबू को गौर करना चाहिए।

विशेष दर्जा हासिल करने के लिए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने संसद के सत्र का समापन होते ही पदों से इस्तीफे दिये। तत्पश्चात सांसदों ने आमरण अनशन किया। इस अनशन को राज्य स्तर पर वाईएसआर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने समर्थन दिया। आंदोलन के अंतर्गत रास्ता रोको, क्रमिक अनशन, रैलियां निकाली।

विशेष दर्जे के लिए आंदोलन तेज करते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने आंध्र प्रदेश बंद का आह्वान किया, जो सफल रहा। एमएलसी उम्मा रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश बंद में शामिल नेताओं के खिलाफ चंद्रबाबू ने मामले दर्ज किए। आंदोलन कर रही महिलाओं को जबरदस्ती पुलिस थानों में भेजा गया। इस घटना को देखते हुए लोगों को चंद्रबाबू के रवैया मालूम हो रहा है।

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वाईएसआर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उम्मा रेड्डी ने कहा है कि चंद्रबाबू दोहरी नीति अपना रहे हैं। टीडीपी के सांसद भी इस्तीफे देकर आंदोलन में शामिल होते हैं तो केंद्र पर दबाव बढ़ेगा। टीडीपी के सांसदों को इस्तीफे को लेकर चंद्रबाबू ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। आंदोलन में शामिल नहीं होते हुए चंद्रबाबू आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करवा रहे हैं।

उम्मा रेड्डी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक दिन का उपवास किया जाना गज़ब लगा। केंद्र में रहते हुए भाजपाईयों को आंदोलन करने क्या जरूरत आन पड़ी। इस तरह का आंदोलन कर लोगों को भाजपा क्या संदेश देना चाह रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि राज्यसभा के वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने जिस तरह से इस्तीफे दिये हैं, इस तरह की घटना इससे पहले कभी नहीं हुई।