लखनऊ : वो फूलों पर मंडराती है, धीरे से पास जाकर अंगूठे और तर्जनी से उसके पंख पकड़ लो तो छूटने के लिए फड़फड़ाती है और छूटने का मौका मिले तो उंगलियों पर सुंदर से चटख रंग छोड़कर पल भर में आंखों से ओझल हो जाती है। तितली के रूप में कुदरत की कारीगरी के ये नन्हे नन्हें करिश्मे अब कम ही नजर आते हैं, लेकिन इन्हें देखने के शौकीन अब यहां के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में इनकी ढेरों प्रजातियां देख सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के पहले ओपन तितली पार्क का शुभारंभ वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने किया। वन विभाग के एक अधिकारी ने 'भाषा' को बताया, ''तितली पार्क के निर्माण पर 1 . 24 करोड़ रुपये की लागत आयी है और यह लगभग दो एकड़ में फैला है । तितली पार्क में जल्द ही 150 प्रजातियों की तितलियां देखने को मिलेंगी । साथ ही इन तितलियों से जुडी रोचक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

''अधिकारी ने कहा कि तितली पार्क में फिलहाल करीब 40 प्रजाति की तितलियां और 100 किस्मों के पेड़-पौधे हैं । यहां तितलियों को उनके रहने के लिए अनुकूल माहौल दिया जाएगा । प्रधान मुख्य वन संरक्षक रूपक डे का कहना है कि तितली पार्क ने चिड़ियाघर में 96 वर्षो की कमी को पूरा कर दिया । विश्व में करीब दो हजार प्रजाति की तितलियां पायी जाती हैं ।

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भारत में 1500 से 1700 प्रजाति की तितलियों की उपस्थिति है । अधिकांश तितलियों की औसत आयु 30 दिन होती है । कुछ ऐसी प्रजाति की तितलियां भी हैं, जो मात्र सात दिन जीवित रहती हैं । तितली पार्क की सैर करने के लिए एक व्यक्ति को 20 रूपये टिकट का देना होगा और वह एक घंटे पार्क का भ्रमण कर सकेगा । सुबह 10 बजे प्रवेश शुरू होगा और अंतिम बार प्रवेश शाम चार बजे मिल सकेगा । भारत में मुंबई, दिल्ली, गोवा, बेंगलुरु और केरल के बाद उत्तर प्रदेश में यह पहला तितली पार्क विकसित हुआ है । पार्क में लगभग आठ सौ मीटर लंबा पाथवे बनाया गया है ।

पाथवे के एक ओर पेड़ पौधे और बीच में तालाब बनाया गया है । पार्क में तीन प्राकृतिक जलाशय बनाये गये हैं, जिनमें कछुए और मछलियां होंगी । करीब चार हजार पौधे लगाये गये हैं । अधिकारी ने बताया कि पार्क में तितली की पीकाक पेंजी, लाइम, कामन क्रो, ब्लू पेंजी, कामन केस्टर जैसी प्रजातियां देखने को मिलेंगी । चौहान ने पार्क के उदघाटन के मौके पर कहा था कि नवाब वाजिद अली शाह के नाम पर बना देश का यह पहला चिड़ियाघर है, जिसको क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, इंवायरमेंट मैनेजमेंट सिस्टम और हेल्थ एंड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम में प्रमाण पत्र मिला है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 'इको-पर्यटन' की अपार संभावनाएं हैं । खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसमें खासी दिलचस्पी ले रहे हैं और इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये हैं ।