नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईआरसीटीसी मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव व अन्य के खिलाफ आज आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला आईआरसीटीसी के दो होटलों का प्रबंधन ठेका एक निजी कंपनियों को देने में कथित भ्रष्टाचार का है।

ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दिल्ली की एक अदालत में दाखिल इस आरोप पत्र में नामित 14 लोगों में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री व लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी का भी नाम है।

सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने इस मामले में सिलसिले में हाल ही में राबड़ी देवी से पूछताछ की थी। मामले के अनुसार रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा संचालित दो होटलों (रांची व पुरी) का ठेका सुजाता होटल्स को दिया।

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आरोप है कि इन होटलों के ठेके देने के बदले में एक बेनामी कंपनी के जरिए पटना में तीन एकड़ का भूखंड लिया गया। सुजाता होटल्स विनय व विजय कोचर की कंपनी है। प्राथमिकी में आरोप है कि राजद नेता लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कोचर को अवांछित फायदा दिया। इसके लिए डिलाइट मार्केटिंग कंपन के जरिए अच्छी खासी कीमत का एक भूखंड लिया गया।

इसके अनुसार सुजाता होटल्स को ठेका मिलने के बाद 2010 से 14 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरना गुप्ता से राबड़ी देवी व तेजस्वी यादव के पक्ष में हो गया। उस समय तक लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके थे।