हैदराबाद : वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष तथा आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वाईएस जगनमोहन रेड्डी की प्रजा संकल्प यात्रा के 136वें दिन विजयवाड़ा पहुंची। चिट्टी नगर सेंटर के निकट सभा का आयोजन किया गया। सभा में वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने विशेष दर्जा और राज्य का विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से सवालों की बौछार की। उन्होंने आगे कहा है कि विशेष दर्जे को लेकर चंद्रबाबू नाटक कर रहे हैं। गत चार वर्ष से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के आंदोलन को सहयोग देने की बजाय उसे असफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा है कि वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के दौरान चंद्रबाबू ने प्लानिंग कमीशन को कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सत्तारूढ़ होने के बाद उन्होंने सात महीनों में एक बार भी प्लानिंग कमीशन को पत्र नहीं लिखा और ना ही इससे जुड़ी फाइलें आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में अरुण जेटली से चंद्रबाबू ने देररात मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान विशेष दर्जे की बजाय विशेष पैकेज का मुद्दा आगे बढ़ाया गया। इस बात पर चंद्रबाबू ने संतुष्टी मान ली और विशेष दर्जे की ओर नजरअंदाज किया।

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वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि राजधानी अमरावती के निर्माण के नाम पर चंद्रबाबू ने किसानों से जबरदस्ती भूमि छीन ली। जिन किसानों ने भूमि देने से इनकार किया, उनकी भूमि में फसलों को आग लगाई गई और भूमि पर कब्जा किया गया। कुछ किसानों को मकान निर्माण के लिए ऐसी जगह दी गई, जहां पर किसी प्रकार की मौलिक सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा है कि विकास की आड़ में गुंटूर-विजयवाड़ा बायपास और मंगलगिरी चेकपोस्ट से एयरपोर्ट तक का सड़क मार्ग अधर में लटका हुआ है। सड़क निर्माण के लिए टेंडर मंगवाए गए और बीड़ भी मंगवाए गए। चार वर्ष बीते लेकिन अभी तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया है कि चंद्रबाबू ने जब-जब विदेश का दौरा किया, तब-तब स्वदेश लौटने के बाद लोगों के सामने विकास की घोषणाएं की। कभी कहा बुलेट ट्रेन लाएंगें, कभी कहा मायक्रोसॉफ्ट लाएंगे, कभी कहा सौ मंजिला मकान बनाएंगे, लेकिन चार वर्ष के दौरान एक भी कार्य पूरा नहीं किया।

आप को बता दें कि चंद्रबाबू ने चार वर्ष 23 बार विदेश दौरा किया लेकिन एक भी योजना को पूरा नहीं किया। चंद्रबाबू विशेष दर्जा और विकास के नाम पर आंध्र प्रदेश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।