कोच्चि: केरल पुलिस ने शनिवार को कहा कि उसने कठुआ में दुष्कर्म करने के बाद मार डाली गई आठ साल की बच्ची के खिलाफ सोशल मीडिया पर घृणास्पद पोस्ट करने के लिए एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पनंगद पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व कर्मचारी विष्णु नंदकुमार को टिप्पणी पोस्ट करने के लिए बुधवार को बर्खास्त कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें:

कठुआ-उन्नाव पर PM ने तोड़ी चुप्पी, कहा- हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा, कोई अपराधी नहीं बचेगा

मलयालम में लिखे पोस्ट में नंदकुमार ने पीड़ित बच्ची की हत्या को न्यायसंगत ठहराया था। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था कि अच्छा हुआ कि उसे मार दिया गया, वरना बड़ी होकर भविष्य में वह या तो मानव बम बनती या फिर आतंकी।

इस पोस्ट के लिए नंदकुमार के खिलाफ बहुत से लोगों ने बैंक को लिखा। इसके बाद शुक्रवार को बैंक ने कहा कि खराब प्रदर्शन के कारण उनकी सेवाएं बुधवार से बर्खास्त कर दी गई हैं। साथ ही बैंक ने अपने पूर्व कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट की निंदा भी की।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, "उसके खिलाफ गैर जमानती अपराध के तहत आरोप लगे हैं, और उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच शुरू हो गई है और उसके बाद उचित कदम उठाया जाएगा।"

बकरवाल समुदाय से ताल्लुक रखने वाली नाबालिग बच्ची का 10 जनवरी को अपहण हुआ था। जिसे जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना गांव के एक मंदिर में रखा गया था।

दरअसल कठुआ गैंगरेप पर मासूम की मौत को लेकर कोटक महिंद्रा बैंक में काम करने वाले नंदकुमार को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इसके अलावा समाजिक तौर पर उनकी सोच को लेकर तीखी निंदा की जा रही है। बता दें कि नंदुकुमार ने कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और उसके बाद हत्या को जायज ठहराने की कोशिश करते हुए कहा कि अच्छा हुआ उसे मार डाला गया, वरना बड़ी होकर वो आतंकवादी बनती। टिप्पणी में ये भी कहा गया कि बच्ची बड़ी होकर भारत के खिलाफ मानव बम बनती।

आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बैंक कर्मचारी को बर्खास्त करने के लिए मांग की जाने लगी। एक ट्विटर यूज़र ने बैंक को लिखा कि वो बैंक की सेवा का सम्मान करते हैं लेकिन आपको इस सम्मान के लिए ऐसी सोच रखने वाले कर्मचारियों को दूर रखना होगा।