नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में हस्तक्षेप के लिये सभी अंतरिम अर्जियां अस्वीकार कर दी हैं। कोर्ट ने मालिकाना हक विवाद के इस मामले में हस्तक्षेप के लिये भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी की अर्जी भी अस्वीकार कर दी।

न्यायालय ने अयोध्या में राम मंदिर में पूजा करने के मौलिक अधिकार को लागू करने के लिये स्वामी की निष्पादित याचिका बहाल करने का आदेश दिया। साथ ही राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में सिर्फ मूल पक्षकारों को ही सुनने और असम्बद्ध व्यक्तियों के इसमें हस्तक्षेप करने के अनुरोधको अस्वीकार करने का आग्रह स्वीकार किया।

बता दें इस मामले को लेकर पिछली बार एक फरवरी को सुनवाई की गई थी, लेकिन तब वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और गीता सहित 20 धार्मिक पुस्तकों से इस्तेमाल किए तथ्यों का अंग्रेजी में ट्रांसलेशन न होने की वजह से सुनवाई टालनी पड़ी थी।

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