‘दिव्यांगों के प्रति सरकार को उदारता दिखानी चाहिए, लेकिन जन्मभूमि कमेटियों के नाम पर उन्हें मिलने वाली कल्याणकारी योजनाओं में कटौती और भेदभाव दिखाना क्या अमानवीय कदम नहीं है?’