पोन्नुरु(गुंटूरु जिला) : वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष व आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि लगता है वह हर दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू सपनों में आने लगे हैं। वाईएस जगन ने अपनी प्रजा संकल्प यात्रा के तहत बुधवार को गुंटूरु जिले के पोन्नुरु में आयोजित जनसभा में आंध्र प्रदेश सरकार के शासन को लेकर एक कहानी सुनाई।

उन्होंने कहा, 'हर दिन सुबह उठते ही हर कोई भगवान से यही प्रार्थना करता है कि आज का दिन अच्छा बीते। जनता, राज्य और देश सभी के लिये अच्छा हो इसकी हम भगवान से मांगते हैं। परंतु मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू का मामला कुछ अलग है। सुबह उठते ही बाबू यह सोचते हैं कि आज उन्हें विधानसभा में क्या बोलना है और कैसे बोलना है।

राज्य के हितों की परवाह नहीं

वाईएस जगन ने कहा, 'बाबू विधानसभा सत्र के दौरान राज्य के हितों पर बात नहीं करते। बाबू अपना मुंह खोलेंगे तो सिर्फ जगन... जगन... जगन... जगन... नाम जपते हैं। संभवत: मैँ हर दिन उनके सपनों में मेरे आने का डर होता है। विधानसभा में बाबू का व्यवहार कुछ ऐसा होता है कि एक चोर उसपर किसी को शक न हो इसके लिये दूसरों को चोर बताना। विधानसभा में चंद्रबाबू सदन में जिस तरह से चिल्लाते हैं, ठीक उसी तरह अगले दिन सुबह उनसे जुड़े अखबार व टीवी चैनल भी चोर-चोर चिल्लाने लगते हैं।'

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पिछले कुष वर्षों से आंध्र प्रदेश में यही चल रहा है। चंद्रबाबू की तरह नीच राजनीति करने वालों को आखिर क्या कहे। बाबू ने अपने सगे ससूर की पीठ में छूरा घोंपकर उनकी जान जाने तक उन्हें नहीं छोड़ा। करोड़ों रुपये का कालाधन बांटते हुए वोट के बदले नोट देते हुए रंगेहाथ पकड़े गये बाबू से आखिर क्या कहें। राज्य को भ्रष्टाचार से बचाने वाले मुख्यमंत्री ही रेत से लेकर जो दिखा उसे लूट खाने लगें तो उन्हें क्या कहें।

22 विधायकों को खरीदा

चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 22 विधायकों में एक-एक को 20 से 30 करोड़ रुपये देकर मेले में पशुओं की भांति खरीदा है। 22 दलबदलू विधायकों से चुनाव लड़ाने का धैर्य नहीं होने से उनसे अभी तक इस्तीफा नहीं दिलवाया है। राज्य के पांच करोड़ लोगों में किसी एक को मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। उस व्यक्ति के शासन के आधार पर प्रशासन ठीक होने की बात कही जाती है, लेकिन प्रशासन ठीक नहीं रहा तो हम इस बात का इंतजार करते हैं कि वह कब जाएगा।'