12.03.2018, सोमवार

बापट्ला, मूर्ति रक्षणा नगर, गुंटूरु जिला

12 मार्च... मेरे जीवन में कभी नहीं भूलने वाला दिन है। करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बनी पार्टी का स्थापना दिवस है। राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक जरूरत के तौर पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की स्थापना हुई है। पिताजी का चले जाना आंध्र के लोगों के लिये बड़ा नुकसान है।

उस महानेता के अकस्मिक मृत्यु को झेल हीं पाने से कई लोगों के दिलों की धड़कनें रुक गईं। पिताजी के निधन के सदमें में जान गंवा चुके लोगों के परिवारों को सांत्वना नहीं देने के प्रतिबंध से मानसिक तनाव का शिकार हुआ। मैं जन्म से लेकर अब तक पिताजी ने जिन मूल्यों के प्रति इमानदारी ओर श्रृद्धा तथा जवाबदेही के साथ लोगों का कल्याण किया, उसी को देखते हुए बड़ा पला हूं।

इस वजह से बनी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी

हम पर भरोसा करने वाले, हमारे साथ खड़े लोग तथा दिये हुए वचन को पूरा करने में चाहे कितनी भी मुश्किल हो या फिर नुकसान, उसकी परवाह नहीं करना पिताजी का सिद्धांत रहा। पिताजी के उसी सिद्धांत और भरोसेमंद जनता के लिये बिना कुछ सोचे आगे बढ़ा हूं। शायद ये भगवान का ही संकल्प हो सकता है....जिसने मुझे और मजबूत बनाया और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की स्थापना की वजह बना। तब से आज तक पार्टी मुखिया के तौर पर निरंतर लोगों से मिलना, उनकी परेशानियों व जिम्मेदारियों में हिस्सेदार बनते हुए आगे बढ़ रहा हूं। तब से अब से पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिये कई तरह की साजिशें रची गईं।

इसके लिये धन का प्रलोभन दिया जा रहा है। मेरे साथ और पीछे खड़े होकर मुझे आगे बढ़ा रहे मेरे साथियों तथा लोगों के विश्वास की वजह से सभी अड़चनों का सामना करते हुए आ रहा हूं। राजनीतिक मूल्यों और विश्वसनीयता तथा जनसेवा को सबसे बड़ी सेवा मानते हुए दिनों-दिन विस्तारित हो रही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 8वें स्थापना दिवस के मौके पर अनेक सेवा कार्यक्रम का आयोजन करने वाले सभी कार्यकर्ताओं का मैं तहे दिल से धन्यवाद प्रकट करता हूं।

आंदोलन का हिस्सा बनेंगे...

आंध्र को विशेष दर्जे की मांग को लेकर हाथ में तख्तियां पकड़े बापटला इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि विशेष दर्जे के मामले में चंद्रबाबू के सभी वादे और बातें झूठे हैं और किसी भी स्थिति में उनपर भरोसा करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, ' अन्ना... हमारे लिये चाहे नौकरी हो या फिर रोजगार वह केवल विशेष दर्जे से ही संभव है। आपके प्रति हम लोगों को पूरा भरोसा है। विशेष दर्जे के लिये हम सब आपके आंदोलन के सहभागी बनेंगे।' विद्यार्थियों की ये बातें मैं ध्यान से सुनता रहा। मुझे लगा राज्य के भविष्य को लेकर उन विद्यार्थियों की स्पष्ट सोच और जुनून अगर हमारे राजनीतिक नेताओं में होता तो कितना अच्छा होता।

फूल किसानों की स्थिति बदतर

बापटला क्षेत्र फूलों के बगीचों के लिए काफी मशहूर है। परंतु आज मुझसे मिले फूलों के किसानों की हालत बहुत दयनीय बनी हुई है। उन्होंने कहा, 'सर.. आपके पिताजी के शासन में हमें मुफ्त बिजली मिलती थी और फूलों के लिये मार्केट हुआ करता था। लेकिन इस सरकार में बिजली के बिल हजारों में आ रहे हैं। दूसरी तरफ फूलों को समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। इस किसान विरोधी शासन में किसान की आंसू को छोड़कर किसी दूसरे की कल्पना तक नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री जी मेरा एक सवाल है... आपने सत्ता में आने के तुरंत बाद किसानों को दिन में 9 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति का आश्वासन दिया था। शपथ लेने के साथ ही अपनी बात से मुकर करना और इस तरह किसानों के साथ विश्वासघात करना क्या सही है ?