हैदराबाद : हैदराबाद हाईकोर्ट ने 22 दलबदलु विधायकों से विवरण मांगते हुए उन्हें नोटिस जारी किया। गौरतलब है कि गत कुछ समय से तेलुगु भाषी राज्यों में दलबदल की राजनीति हो रही है। दलबदलू विरोधी कानून की अवमानन बताते टीडीपी में शामिल हुए 22 विधायकों को अयोग्य घोषित किये जाने की अपील करते हुए प्रकाशम जिले के गिद्दलूरु के पूर्व विधायक अन्ना वेंकट रामबाबू ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की थी।

हाईकोर्ट ने आखिरकार मंगलवार को इस याचिका पर कार्रवाई करते हुए 22 विधायकों सहित आंध्र प्रदेश विधानसभा सचिव तथा विधि सचिव को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बाद में मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिये स्थगित कर दी। आपको बता दें कि दलबदलू विधायकों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की वकालत काफी समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक इसको लेकर विधायिकों में चर्चा नहीं हुई है। परंतु हाईकोर्ट के ताजा नोटिस से लगता है कि दलबदलू नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।

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गौरतलब है कि पार्टी बदल कर मंत्री पद हासिल करने वाले एन. अमरनाथ रेड्डी, सूजय कृष्ण रंगाराव, चिदिपीराल्ल आदिनारायण रेड्डी, भूमा अखिलप्रिया को संविधान के मुताबिक इन पदों पर बने रहने की योग्यता नहीं है। इसीलिये उनके मंत्री पद रद्द किये जाने की मांग करते हुए अन्ना वेंकट रामबाबू ने अपनी जनहित याचिका में अपील की थी। उन्होंने दलबदलू नेताओं को विधायक बने रहने के लिये अयोग्य बताते हुए विधायक के रूप में काम कर रहे नेताओं से प्रति दिन 500 रुपये जुर्माना वसूलने की अपील की थी।