नई दिल्ली: भारतीय रेल सुरक्षा मानकों और पटरियों के रखरखाव में काफी पीछे है। जिस पर आधिकारिक मुहर लगाई है भारत सरकार की ही एजेंसी सीएजी ने। कैग की रिपोर्ट में रेल की पटरी के रख-रखाव में खामियों का खुलासा हुआ है।

भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक( कैग) ने कहा कि भारतीय रेल कोरेल पटरियों की सुरक्षा के उपाय मजबूत करने की आवश्यकता है। संसद में आज पेश कैग की एक रिपोर्ट में पटरियों के रख- रखाव की योजनाओं, निरीक्षणकार्यक्रमों और पटरी में खामीढूंढने के लिए खरीदी गयी उन्नत मशीनों के इस्तेमाल मेंकमियों का उल्लेख किया गया है।

कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि2014-15 से2016-17 के बीच पांच रेल खंडों दक्षिणी- पश्चिमी रेलवे, उत्तरी- मध्य रेलवे, पूर्वी- मध्य रेलवे, दक्षिणी- पूर्वी रेलवे और दक्षिणी रेलवे में पटरियों के रख- रखाव में कमियों के कारण रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने या दुर्घटनाग्रस्त होने की 16 घटनाएं हुईं।

कैग ने कहा है कि पटरी की खामी की वजह से विभिन्न मार्ग खंडों पर 294 जगह गाड़ियों की गति पर स्थायी पाबंदी लगायी गयी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘37 चयनितखंडों की समीक्षा में पाया गया है कि पटरी के रख- रखाव की व्यवस्था मजबूत किये जाने और निर्धारित नियम व निर्देशों के तहत उन पर अमल किए जाने की जरूरत है। इसके बाबत निर्देश भी दिये गये हैं। कैग ने कई मामलों पाया है कि पटरियों का निरीक्षण रेल अधिकारियों द्वारा तय किये गये कार्यक्रम के अनुसार नहीं किया जा रहा है।'' रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तरी- मध्य रेलवे और पूर्वी- मध्य रेलवे में रख- रखाव की योजना तैयार नहीं थी। दक्षिणी- पूर्वी रेलवे में निरीक्षण में कमियां पायी गयी हैं। कैग ने कहा कि गश्त लगाने वाले लोगों के पास किसी खामी या पटरी के टूटे होने की तत्काल सूचना देने के लिए कोई संचार उपकरण नहीं होते।