बार्सिलोना / स्पेन: सरकार ने 5जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम का उचित तारतम्य बैठाना शुरू कर दिया है ताकि भारत इस नयी प्रौद्योगिकी का यथाशीघ्र अपना ले। 5जी प्रौद्योगिकी में मोबाइल पर डेटा डाउनलोड स्पीड 1000 मेगाबिट प्रति सेकंड से भी अधिक हो जाएगी ऐसी उम्मीद की जा रही है।

दूरसंचार सचिव अरूणा सुंदरराजन ने जानकारी दी, ‘स्पेक्ट्रम के मामले में हमने 5जी में वैश्विक स्थिति के साथ कुल मिला कर करीब करीब तारतम्य बिठा लिया है। इन बैंड का वैश्विक समुदाय के साथ तारतम्य बैठाया जा रहा है।'

यहां दूरसंचार उद्योग पर एक वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने आईं अरूणा ने कहा कि दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने दूरसंचार कंपनियों से कहा है कि वे कृषि क्षेत्र में भी 5जी सेवाओं के इस्तेमार पर विचार करें। उन्होंने कहा, ‘सभी कंपनियां खुद को भारत के लिए तैयार कर रही हैं जो 5जी का बड़ा बाजार है।

एक प्रमुख चिपसेट कंपनी ने हमें बताया कि भारत में इंटरनेट आफ थिंग्स का सबसे बड़ा उपयोक्ता आधार होगा। भारत अग्रणी है और 5जी को सबसे पहले अंगीकार करने वाले देशों में होगा।' उन्होंने कहा कि हुआवेई, एरिक्सन, नोकिया, जेडटीई, एनटीटी व सैमसंग जैसी दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने भारत में 5जी पर काम शुरू कर दिया है।

भारत में 5 जी सेवाओं के शुरू होने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी में नई क्रांति आएगी। साथ ही इंटरनेट आधारित सेवाओं पर निर्भरता बढ़ेगी। सरकार भी सूचना प्रौद्योगिकी का भरपूर इस्तेमाल के पक्ष में है।

हालांकि हाल के दिनों में कुछ जानी मानी हस्तियों ने 5 जी को लेकर कुछ आशंकाएं व्यक्त की हैं। उनके मुताबिक हम नवीनतम तकनीक अपनाने के लिए तैयार तो हैं। वहीं इसके नाकारात्मक प्रभाव से पूरी तरह अनभिज्ञ और गैर जिम्मेदार भी।