हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के विवादित बयान की चारों तरफ निंदा हो रही है। ओवैसी ने जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले को लेकर कहा कि शहीद हुए सात में से पांच जवान मुसलमान हैं।

गंदी सियासत की नजीर पेश करते हुए ओवैसी ने शहीदों को भी हिंदू-मुसलमानों में बांट दिया। ओवैसी ने कहा कि सात में से पांच लोग कश्मीरी मुसलमान थे, जो शहीद हुए हैं।

दरअसल ओवैसी मुसलमानों की देशभक्ति साबित करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाले मुसलमानों को शक की निगाह से देखा जाता है, यहां तक कि उन्हें पाकिस्तान परस्त भी कहा जाता है।

ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी-बीजेपी गठबंधन निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टियां ड्रामा कर रही हैं। साथ ही दोनों मिलकर मलाई खा रही है।

सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में अबतक 6 जवान शहीद हो चुके हैं साथ ही एक आम नागरिक की भी मौत हुई है। इस कुल सात के आंकड़े में ओवैसी ने जोड़ते हुए कहा कि इनमें पांच कश्मीरी मुसलमान हैं।

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों की वफादारी साबित करने की गरज से शहीदों के धर्म का हवाला दिया। हालांकि ओवैसी के ताजा बयान की तीखी निंदा की जा रही है।