भोपाल: मध्यप्रदेश में दो विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में कथित तौर पर एक फरार राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल को प्रचार में लगाया गया है। एक एनजीओ ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से की है और मांग की है कि पटेल को गिरफ्तार कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाए।

'विचार मध्यप्रदेश' नामक सामाजिक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह से मुलाकात कर शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया है कि कोलारस और मुंगावली दो विधानसभा क्षेत्रों में 24 फरवरी को उपचुनाव होना है, इसलिए दोनों क्षेत्रों में 18 जनवरी से आचार संहिता लागू है, जिसका सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा खुला उल्लंघन किया जा रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि आचार संहिता के दौरान ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया और हत्या के आरोप में फरार व्यक्ति को मंत्री बना दिया गया। अब उस मंत्री को कोलारस और मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को आतंकित करने के लिए चुनाव प्रचार के लिए भेजा गया है। यह मंत्री नरसिंहपुर के विधायक जालम सिंह पटेल हैं।

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शिकायत में कहा गया कि उपचुनाव की आचार संहिता की अवधि में मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन फरवरी को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें जबलपुर एसआईटी द्वारा जांच किए जा रहे दो आपराधिक मामलों मे फरार आरोपी विधायक जालम सिंह पटेल को भी शामिल किया गया।

विचार मध्यप्रदेश का आरोप है कि मंत्री बनने के बाद जालम सिंह ने मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी रैली और सभा में भी भाग लिया।

विचार मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व विधायक गिरिजा शंकर शर्मा, पूर्व विधायक पारस सकलेचा, पूर्व आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास, पूर्व एडीजी विजय वाते, कोर समिति सदस्य विनायक परिहार और अक्षय हुंका ने मांग की है कि राज्य के मुख्यमंत्री पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाए।

साथ ही आपराधिक मामलों मे फरार मंत्री जालम सिंह पटेल को मुंगावली व कोलारस विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश से रोका जाए और जालम सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।