हैदराबाद : आंध्र प्रदेश के विशेष पैकेज पर पवन कल्याण के बयान को लेकर आंध्र प्रदेश के लोग खुश नहीं है। केंद्रीय बज़ट को लेकर आंध्र प्रदेश के लोगों में पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। जनसेना के अध्यक्ष पवन कल्याण का भी कहना है कि इस मुद्दे को लेकर वह भी पशोपेश की स्थिति में है। लोगों का आरोप है कि केंद्र द्वारा राज्य के लिए जारी निधी की सत्यता जानने के लिए श्वतेपत्र जारी करने की मांग से पूर्व ही टालमटोल कर समय बर्बाद किया जा रहा है। सवाल पैदा हो रहा है कि पवन कल्याण अपने मित्र पक्ष के बचाव में टालमटोल का रवैया क्यों अपना रहे है। लोगों में चर्चा है कि पवन कल्याण विशेष दर्जा और राज्य का विकास के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं और समय बर्बाद कर रहे हैं।

हाल ही में पवन कल्याण ने पूर्व सांसद उंडवल्ली अरुण कुमार से मुलाकात की। तत्पश्चात उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित किया। अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्य के लिए कितनी राशि मंजूर कर जारी की है और राज्य को कितनी राशि प्राप्त हुई है, इसका वह हिसाब किताब चाहते हैं। इसकी सत्यता के लिए वह समिति द्वारा अध्ययन करवाएंगे। पवन कल्याण के इस बयान को लेकर राजनीतिक विशेषज्ञ आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि केंद्र सरकार ने राज्य को कितनी राशि देने की घोषणा की है और मौजूदा समय तक कितनी धनराशि जारी की गयी है। जो राशि जारी हुई है, उसे कहां खर्च किया गया है।

लोग बता रहे हैं कि राज्य के विभाजन के बाद राज्य का विकास और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए विशेष दर्जा ही एकमात्र उपाय है। उनका आरोप है कि चंद्रबाबू ने विशेष पैकेज के लिए विशेष दर्जे के मुद्दे को केंद्र सरकार के पास गिरवी रखा है। इस बीच पवन कल्याण चंद्रबाबू से इस संदर्भ में सवाल करने की बजाय अपने परोक्ष स्वार्थ के लिए समय बर्बाद कर रहे हैं।