नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने गुरुवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस लाएंगी। राज्यसभा में बुधवार को राष्ट्रपति के संबोधन को लेकर जवाब के दौरान उनके (रेणुका) ठहाके लगाकर हंसने पर मोदी ने उनका मजाक उड़ाया था।

कांग्रेस की महिला सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री द्वारा रेणुका का मजाक उड़ाए जाने के संबंध में राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात की। उसके बाद कांग्रेस सांसद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के बाद वह विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेंगी।

महिला प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनकी टिप्पणी महिला-विरोधी थी।

कुमारी शैलजा ने मीडिया से कहा, "इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के खिलाफ मैंने विशेषाधिकार नोटिस लाने का फैसला किया है। मैं अपनी पार्टी से बात करूंगी और फिर फैसला करूंगी कि कैसे आगे बढ़ा जाए। मैं दो बेटियों की मां और किसी की पत्नी हूं। प्रधानमंत्री ने महिलाओं की हैसियत का अपमान किया है।"

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता डी.पी. त्रिपाठी ने सलाह दी कि कांग्रेस को इस मामले को तूल नहीं देना चाहिए, लेकिन यह भी कहा कि अगर इस मुद्दे पर वे कोई फैसला लेते हैं, तो उनकी पार्टी कांग्रेस का साथ देगी। रेणुका ने मोदी के इस दावे पर सदन में ठहाके लगाए थे कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान आधार पर विचार किया गया था।

सभापति नायडू जब रेणुका के ठहाके पर उन्हें टोका, तो मोदी ने कहा, "सभापति महोदय, रेणुकाजी को मत रोकिए। 80 के दशक में 'रामायण' धारावाहिक देखने के बाद मुझे पहली बार ऐसी हंसी सुनने को मिली है।" उनका आशय शूर्पणखा के अट्टहास से था।

सदन से निकलने के बाद गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 'रामायण' के उस अंश का वीडियो फेसबुक पर पोस्ट कर दिया, जिसमें शूर्पणखा अट्टहास करती दिख रही है।