नई दिल्ली : डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रथम खेलो इंडिया गेम्स में लड़कियों की दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा में जीना खित्ता (डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चंडीगढ़), नंदिता सूल (बीआर घोलप कॉलेज, पुणे) तथा याना राठौर (एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल, इंदौर) को क्रमश: पदक प्राप्त करने में सफलता मिली।

वहीं लड़कों के वर्ग में साहू माने (सेंट जेवियर हाई स्कल कोल्हापुर), ऋतिक रमेश (केन्द्रीय विद्यालय अशोक नगर, चेन्नई) तथा पार्थ मखीजा (मानवस्थली स्कूल नई दिल्ली) को अंतिम राउंड के बाद पदक सम्मान प्राप्त हुआ।

लड़कियों के फाइनल राउंड में जीना ने पांच निशाने (53.3) लगाए और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। नंदिता सूल (51.6) ने उनका पीछा करने की कोशिश की। 14 निशानों, जिसमें कुछ लगभग सटीक 10.8 शामिल हैं, के बाद जीना ने 1.9 अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक झटक लिया। इस स्वर्ण पदक से सिडनी में मार्च में होने वाले आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप के लिए उनका मनोबल मजबूत होगा।

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दो सेट के पांच-पांच निशानों के बाद याना तथा भागर्वी डी कसार (राम नारायण रूइया जूनियर कॉलेज मुंबई) के बीच अच्छा मुकाबला हुआ। मध्य प्रदेश की अकेली निशानेबाज 0.3 अंकों से पीछे थी, लेकिन 13वें, 14वें और 15वें निशाने में याना ने पासा पलट दिया और 0.8 अंकों की बढ़त बना ली। इस स्थिति में उन्होंने नंदिता के साथ 165.4 अंकों का टाई किया। फिर नंदिता ने अपने 17वें और 18वें निशाने में 10.4 और 10.8 अंक हासिल करके दूसरे स्थान पर पहुंच गईं।

पदक मिलने के बाद जीना ने कहा, "क्वालीफाई करने के बाद मैंने पदक की आशा छोड़ दी थी, लेकिन कोच के साथ बातचीत से मेरी मनोदशा बेहतर हुई।"

इन खेलों में मध्य प्रदेश के लिए पहला पदक जीतने वाली याना को भी श्रेय दिया जाता है।

लड़कों की स्पर्धा भी काफी दिलचस्प थी। युवा श्रेणी में देश के नम्बर एक निशानेबाज माने जाने वाले हृदय हजारिका (साउथ क्वाईंट स्कूल गुवाहाटी) तथा यशवर्धन (जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल, जयपुर) ने क्वालीफाइंग राउंड में क्रमश : 624.3 तथा 623.9 अंकों के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा, लेकिन पदक प्राप्त करने में सफल नहीं हो सके। दिसंबर, 2017 में आयोजित 61वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में कई पदक जीतने वाले दिव्यांश पवार भी दबाव में रहे।

अंतिम राउंड में छठे स्थान (621.4) के लिए क्वालिफाइ करने वाले साहू माने ने पांच निशानों के पहले सैट में पदक पर नियंत्रण बना लिया। कोल्हापुर के इस निशानेबाज ने 247.7 अंकों के अंतिम राष्ट्रीय रिकार्ड की बराबरी के लिए निरंतरता के साथ निशाने लगाए। साहू माने इस साल ब्यूनस आयर्स में होने वाले युवा ओलम्पिक खेलों के लिए क्वालिफाई कर गए हैं।

माने ने पदक जीतने के बाद कहा कि, "मैं अपने क्वालीफाइंग स्कोर से निराश था। मैंने अपने कोच से गलतियों के बारे में बात की और इससे शांत होने में मदद मिली।"

ऋतिक पार्थ तथा यशवर्धन में तिकोना मुकाबला हुआ। 18वें निशाने के बाद ऋतिक दूसरे स्थान पर पहुंच गए, लेकिन अगले दो निशानों में दिल्ली के निशानेबाज ने उन पर बढ़त बना ली। इस स्थिति में दोनों केवल .7 अंकों से अलग थे, लेकिन अगले दो निशानों में ऋतिक ने बढ़त बना ली और रजत पदक हथिया लिया।