नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के पहले संस्करण का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह इस देश को ओलम्पिक स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाला देश बनाने की दिशा में पहला कदम है। इसमें पूरे देश के खिलाड़ी आठ खेलों में हिस्सा लेंगे।

पूर्व के नेशनल स्कूल गेम्स के संशोधित प्रारूप के शुभारंभ के मौके पर मोदी ने कहा, "सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं और सर्वश्रेष्ठ कोच दिए जाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो हम उन्हें विदेश भी भेजेंगे।" खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के सर्वश्रेष्ठ 1,000 खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये की मदद दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा, "यह इस बात को सुनिश्चित करने के लिए है कि पैसे की कमी के कारण खिलाड़ी खेल को नहीं छोड़ें। खेलों का युवाओं के जीवन में मुख्य स्थान होना चाहिए। खेलकूद व्यक्तित्व के विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।"

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उन्होंने कहा कि अपने व्यस्त कार्यक्रम से खेलों के लिये समय निकालें, खेलकूद को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आज हम गणमान्य खिलाड़ियों के बीच है, मुझे विश्वास है कि इन्होंने कई बाधाओं का सामना किया होगा लेकिन हार नहीं मानी और आज अपने आप को दूसरों से अलग साबित कर पाए।

मोदी ने कहा, ‘‘देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारा युवा राष्ट्र है और हम खेल के क्षेत्र में और बेहतर कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि जब हम कहते हैं कि भारत का स्थान दुनिया के मंच पर बढ़ रहा है, इसका केवल यह अर्थ नहीं है कि सिर्फ हमारी सेना मजबूत हो रही है या अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।