नई दिल्ली: गूगल ने अपने डूडल पर रूस के फिल्म निदेशक और थियोरिस्ट सर्गेई मिखाईलोविच आईजनस्टाइन को जगह दी है। सर्गेई की 120वीं जयंती पर पूरी दुनिया उन्हें याद कर रही है। सर्गेई आईजनस्टाइन का जन्म 23 जनवरी, 1898 को रूस के लात्विया में हुआ था।

सर्गेई ने सेंट पीटर्सबर्ग के इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल से अभियंत्रण की पढ़ाई की थी। इनका जन्म संपन्न और पढ़े लिखे परिवार में हुआ था। 20 साल की आयु में ही सर्गेई ने स्कूल छोड़ दिया और रेड आर्मी के सदस्य बन गए। ये वही रेड आर्मी है जिसने बोल्शेविक क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी। 1920 में सर्गेई मिंस्क में पहुंचे, जहां उनका वास्ता काबुकी थिएटर से हुआ। इसी के साथ सर्गेई का थियेटर करियर शुरू हुआ।

1923 में सर्गेई ने औपचारिक तौर पर थियोरिस्ट करियर का आगाज किया। उनकी कालजयी रचना ‘द मोंटाज ऑफ एट्रेक्संस’ रही है। सर्गेई को फिल्मों में मोंटाज के इस्तेमाल में महारत हासिल थी। इन्होंने 1923 में ही अपनी पहली फिल्म ग्लुमोव्ज डायरी बनाई। हालांकि उनकी पहली फीचर फिल्म ‘स्ट्राइक’ मानी जाती है।

सर्गेई की सर्वाधिक चर्चित फिल्म रही ‘द बैटलशिप पोटमकिन (1925)’। उस फिल्म ने उन्हें दुनियाभर में ख्याति दिलाई। 1917 की रूसी अक्टूबर क्रांति पर उन्होंने ‘अक्टूबर’ नाम से फिल्म निर्देशित की थी। सर्गेई की ‘द जनरल लाइन’ फिल्म भी काफी चर्चा में रही, हालांकि इस फिल्म पर कुछ विवाद भी हुआ। सर्गेई की उपलब्धियों को देखते हुए सन् 1926 में उन्हें स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर सिनेमा का प्राध्यापक बनाया गया।