वाशिंगटन : दस माह की बच्ची और उसके दादी की निर्मम हत्या के आरोपी यंडमूरि रघुनंदन (32) को आगामी 23 फरवरी को अमेरिका में फाँसी सजा दी जाएगी। जेल अधिकारियों ने मीडिया को यह जानकारी दी।

पुलिस ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में भारत के मूल निवासी रघुनंदन ने दस माह की शानवी और उसकी दादी सत्यवती (62) की निर्मम हत्या की है। अमेरिकी अदालत ने दोनों की हत्या के आरोप में रघुनंदन को मौत की सजा सुनवाई थी।

बता दें कि रघुनंदन पहले पुलिस को बताया था कि पैसों के लिए उसने शानवी और सत्यवती की हत्या की है। मगर अदालत में रघुनंदन ने कोर्ट को बताया था कि वो चोरी करने के लिए मकान में गया था। मगर दोनों की हत्याओं से उसका कोई संबंध नहीं है। साथ ही उसने यह भी बताया था कि ये हत्याएं दो अमेरिकन ने की है। इसके चलते पांच सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए सात सदस्यीय पीठ के हवाले कर दिया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पेन्सिलवेनिया कोर्ट ने 14 अक्तूबर 2014 को रघुनंदन को मौत की सजा सुनायी थी।

इसी क्रम में जेल अधिकारियों ने यह भी बताया कि पेन्सिलवेनिया गवर्नर टाम वुल्फ चाहे तो 2015 में सुनवाई गयी मौत की सजा को 'मारिटोरियम' के तहत स्थगित भी कर सकते है। जेल अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि गवर्नर निर्धारित समय के भीतर किसी प्रकार का आदेश नहीं देता है तो जेल अधिकारी 30 दिन के भीतर दोषी को जहरीला इंजेक्शन देकर सजा की अमलावरी कर सकते है। यदि रघुनंदन को फाँसी दी जाती है तो वह अमेरिका में मौत की सजा पाने वाला पहला भारतीय होगा।

इसी क्रम में आंध्रप्रदेश निवासी रघुनंदन एच-1 वीजा पर अमेरिका गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान रघुनंदन ने उसके वकील हिल्लेस और हेकमन के साथ भी केस ठीक प्रकार से नहीं लड़ने का आरोप लगाया था। उसने कोर्ट में यह भी कहा था कि मेरे वकीलों ने फोन करने और पत्र लिखने पर भी उत्तर नहीं दिया है। साथ ही भरी अदालत में यह भी कहा था कि मामले की फिर से सुनवाई के करने के बजायेउसे जल्द से जल्द फाँसी दी जाएँ।