ग्वालियर: बेरोजगारी का आलम ये है कि ग्वालियर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चपरासी के 57 पदों के लिए 60 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। हैरानी इस बात की कि इसमें कई उम्मीदवार तो इंजीनियर और एमबीए भी हैं। कुछ उम्मीदवार तो पीएचडी की उपाधि प्राप्त हैं।

ग्वालियर जिला कोर्ट में जब चपरासी पोस्ट के लिए हाई क्वालिफाइड लोगों के इतने सारे आवेदन मिले तो जज भी चकरा गए। हालांकि विभाग ने वांछित योग्यता महज आठवीं पास ही रखी थी। अब आठवीं क्या, यहां तो बड़े बड़े डिग्रीधारी हाजिर हैं। इनमें इनका कोई कुसूर भी नहीं है। दरअसल इनकी योग्यता के मुताबिक इन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है। घर का खर्चा भी चलाना है, लिहाजा इन्हें अब चपरासी की नौकरी से भी गुरेज नहीं है।

बेरोजगारी का आलम ये कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया है। आवदेकों की भीड़ की स्क्रीनिंग के लिए कोर्ट में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम की गुहार लगाई गई है।

चपरासी अकुशल कर्मी होता है, लिहाजा इन्हें न्यूनतम 7 हजार 500 रुपए का वेतन माहवारी मिलना है। इतनी कम पगार पर दैनिक वेतनभोगी की तरह काम करने के लिए बड़ी संख्या में क्वालिफाइड युवा तैयार हैं।

आवेदकों की भीड़ को देखते हुए 14 जजों की कमेटी गठित की गई है। 28 जनवरी से उम्मीदवार की स्क्रीनिंग (अनुवीक्षण) शुरू की जाएगी। इसके बाद इंटरव्यू होगा और फिर 18 फरवरी के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।