कोलकाता: सुप्रीम कोर्ट में प्रशासनिक अनियमितताओं का आरोप लगाने वाले जजों में एक जस्टिस रंजन गोगोई फिर मीडिया से मुखातिब हुए। गोगोई ने किसी तरह के न्यायिक संकट की बात से इनकार किया।

दरअसल मीडिया की तरफ से जस्टिस गोगोई से इस संकट के हल को लेकर सवाल किया गया था। जिसके जवाब में गोगोई ने कहा कहा कि कोई संकट नहीं है। पत्रकारों ने बेबाकी से जस्टिस गोगोई से पूछा कि क्या न्यायधीशों ने प्रेस में आरोप लगाकर अनुशासन का बंधन तोड़ा है। इस सवाल का बिना कोई उत्तर दिए गोगोई निकल गए। हां, उन्होंने इतना जरूर कहा कि मुझे लखनऊ के लिए फ्लाइट पकड़नी है मैं बात नहीं कर सकता।

दरअसल गोगोई कोलकाता में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्वी राज्य की बैठक में हिस्सा लेने आए थे।

बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने पहली बार मीडिया के सामने आकर शीर्ष अदालत के कामकाम को लेकर गड़बड़ियों का खुलासा किया था। जस्टिस चेलमेश्वर के अलावा जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस जोसेफ और जस्टिस मदन लोकूर ने शुक्रवार को इस बारे में प्रेस को बयान दिया था। चारों जजों ने बताया कि इस तरह की परेशानी को लेकर उन्होंने पहले ही चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी थी। जिसका कोई माकूल जवाब उन्हें नहीं मिला। लिहाजा वे प्रेस से मुखातिब हुए हैं।

जस्‍टिस चेलमेश्‍वर ने ये स्वीकार किया था कि न्यायपालिका के इतिहास में यह घटना ऐतिहासिक है। पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों को मीडिया के सामने आकर गुहार लगानी पड़ रही है। इन जजों ने बीते दो साल के दौरान सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज को लेकर सवाल उठाया था।