हैदराबाद/वनपर्ती : स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े अनेक अभियान चलाये जा रहे है। प्रसार माध्यमों में इसका जमकर प्रचार भी हो रहा है। कुछ नव वधुएं शौचालय के निर्माण की मांग को लेकर माइके चली जा रही है।

सरकार खुले में 'शौचमुक्त' के लिए लाखों-करोड़ रुपये खर्च भी कर रही है परिणामस्वरूप कुछ सफलता भी मिल रही है। मगर जितनी सफलता मिलनी चाहिए वो नहीं मिल पा रही है।

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इसी क्रम में तेलंगाना के वनपर्ती जिले के छात्रों ने उनकी शौचालय और मुत्रालय के निर्माण करने की गुहार लगाते हुए हैदराबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।

जिले के चिन्नमबावी मंडल परिधि के अम्मायीपल्ली और वेल्तुर गांव के प्राथमिक और उन्नत पाठशालाओं के छात्रों ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में कहा कि शिक्षा अधिकार के तहत हर स्कूल और कॉलेजों में शौचालय और मुत्रालय होनी चाहिए। मगर इसकी अमलवारी
ठीक प्रकार से नहीं हो रही है।

छात्रों ने आगे कहा कि अनेक बार शौचालय की मांग को लेकर उन्होंने अधिकारियों से आग्रह भी किया है। मगर हमारी बात की ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। कुछ पाठशालाओं में नाम मात्र शौचालयों को निर्माण किया गया है। इसके चलते उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश से उनकी मांग पर शीघ्र ही आवश्यक कदम उठाने का आग्रह भी किया है।

मगर इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस पत्र का उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है या नहीं।