नेल्लूर (आंध्रप्रदेश) : अदालत ने ड्यूटी पर तैनात सर्कल-इंस्पेक्टर पर किये गये हमले में एमएलसी यंडपल्ली श्रीनिवास रेड्डी और उनके 10 दस समर्थकों को दो साल कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एन लावण्या ने शुक्रवार को नेल्लूर, चित्तूर और प्रकाशम जिले के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी श्रीनिवास रेड्डी और दस अन्य को कारावास और 4,700 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

बता दें कि 3 अक्तूबर 2011 में चिलकूर मंडल परिधि के वीएसएफ कंपनी के लिए बिजली आपूर्ति की मांग के समर्थन में तहसीलदार रोजमांड के नेतृत्व में हस्ताक्षर अभियान आरंभ किया गया था। इस अभियान कार्यक्रम में जेसी सौरभ गौर ने भी भाग लिया। हस्ताक्षर के दौरान लोगों ने बिजली विभाग के विरोध में नारेबाजी की। इसके चलते तनाव की स्थिति पैदा हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन सीआई जे रामबाबू व अन्य पुलिस बल तैनात थे। इसी दौरान एमएससी व अन्य आंदोलनकारियों ने सीआई पर हमला किया। इस हमले में रामबाबू घायल हो गये थे।

ये भी पढ़ें :

राजस्थान : मकान में लगी आग, जिंदा जले एक ही परिवार के 5 सदस्य

महाराष्ट्र : भीषण सड़क हादसे में 5 पहलवानों समेत 6 की मौत

हैदराबाद में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरायी, 1 मरा और 3 घायल

पुलिस ने एमएलसी और 12 अन्य आंदोलनकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 147, 148, 332, 447, 290 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत ने आरोप सही साबित होने के बाद एमएलसी श्रीनिवास रेड्डी के अलावा एम राजेश कुमार, के बालय्या, जास्ती किशोर, टीएच कोटिरेड्डी, कटिकाला वेंकटेश्वर्लू, सीएच अंजिरेड्डी, वी वेंकटरमणय्या, सीएच नागराजू, जी रामकृष्णय्या और केवी रामकृष्णय्या को दो-दो साल कारावार और जुर्माने की सजा सुनाई। इनमें से एक आरोपी चिकित्सक विजय कुमार की मौत हो चुकी है।