हैदराबाद : हमारे पूर्वजों ने हमें एक संदेश दिया है कि पशु, पक्षी और मनुष्य एक ही परिवार के हैं। इस बात का अहसास हमें त्यौहार से होता है। अनेक त्यौहार में सक्रांति एक है। दक्षिण भारत में इसे अनेक रूप में मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे खिचड़ी कहा जाता है। तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में संक्राति कहा जाता है। तमिलनाडु में इसे पोंगल कहा जाता है। इस तरह अनेक प्रांतों में इसे अनेक नामों से कहा जाता है।

संक्राति का अर्थ है - नजदीक आना/होना है। सूरज एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करने की प्रक्रिया को संक्राति कहा जाता है।

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पूर्वज...

अर्थात हमारे पूर्वजों ने सभी त्यौहारों को मानव मिलन के लिए ही बनाया है। इसके प्रकार और विधि-विधान अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हैं। संक्राति त्यौहार स्पष्ट होता है कि प्रकृति के साथ सभी को मिलजुलकर जीवन यापन करना चाहिए।

भोगी...

संक्राति त्यौहार को दक्षिण भारत में तीन दिन तक मनाया जाता है। भोगी इनमें से पहला है। भोगी धनुर्मास का समापन दिन होता है। इस बारे में यह कहावत प्रचलित है कि धनुर्मास व्रत रखने वाली भूदेवी के अंश में जन्मी गोदादेवी श्रीरंगनाथ की पत्नी के रूप में अवतार लेती है उसे ही भोगी कहते है।

दरिद्रता...

पूराने सामान, झाड़ू, लकड़ियां व टूटे-फूटे चीजे दरिद्रता के प्रतीक माने गये है। इन बेकार चीजों को जलाने से जो रोशनी हमें दिखायी देती है। उस रोशनी से हमें नया रास्ता दिखायी देता है। इस रोशनी की आग की लपटों को भी भोगी कहा जाता है।

इसके अगले दिन से आरंभ होने वाले त्यौहार को सभी लोग खुशियों से मनाने का प्रतिक ही है भोगी की आग। जिस आग से हमें रोशनी और राह दिखायी देती है, वो रोशनी और राह हमारे जीवन की नयी राह होती है। जिसके बल पर हम आगे बढ़ते जाते हैं। साथ ही किसानों की उगायी गयी फसल हमारे हाथ में आने का नया दिन भी भोगी है।

किसान...

इसके अलावा किसान अपने फसलों की कटाई करके घरों में और परिसर में लाकर रखते है। तब पशु-पक्षी नाचते-गुजते आंगन में आते है और किलकिलाहट के साथ खाते है। इस प्रक्रिया के समय जो ध्वनि को सूनकर पूरें गांंव का वातावरण ही बदल जाता है। वह ध्वनि पूरे गांव के वातारण एक संगीतमय हो जाती है। ऐसे वातावरण के वर्णन को भी भोगी कहा जाता है।

कुल मिलाकर भोगी दरिद्रता को दूर कर हर वर्ग के जीवन में खुशियां से भर देने वाला त्यौहार भोगी है। भोगी मकर संक्रांति का पहला दिन और पहला त्यौहार होता है।