नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की सभी 4 जजों से मुलाकात होने थी, लेकिन जजों के बाहर होने के कारण यह मुलाकात नहीं हो सकी है। वहीं इस संबंध में बार एसोसिएशन ने आज शाम चार बजे बैठक बुलाई है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उम्मीद जताई है कि आज विवाद सुलझ सकता है।

पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा से मुलाकात का प्रयास किया। हालांकि दोनों की मुलाकात नहीं हो सकी।

चीफ जस्टिस के बाद वरिष्ठता सूची में ऊपर गिने जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जज जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को मीडिया से बातकर शीर्ष अदालत के प्रशासन में अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए थे।

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देश में पहली बार ऐसी स्थिति देखी गई जब सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने मीडिया को संबोधित किया। मीडिया से बात करते हुए नंबर दो के जज माने जाने वाले जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा, 'करीब दो महीने पहले हम 4 जजों ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा और मुलाकात की। हमने उनसे बताया कि जो कुछ भी हो रहा है, वह सही नहीं है। प्रशासन ठीक से नहीं चल रहा है। यह मामला एक केस के असाइनमेंट को लेकर था।'

उन्होंने कहा कि हालांकि हम चीफ जस्टिस को अपनी बात समझाने में असफल रहे। इसलिए हमने राष्ट्र के समक्ष पूरी बात रखने का फैसला किया। पत्रकारों के सवाल पर कहा कि मामले को लेकर उन्होंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा, जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि यह एक केस के असाइनमेंट को लेकर था।