नई दिल्ली : पिछले साल केंद्र सरकार के तीन बड़े फैसले ने रियल इस्टेट के कई समीकरण बदलकर रख दिए हैं। नोटबंदी, जीएसटी और रियल इस्टेट रेग्युलेशन एक्ट आने के बाद आवासीय घरों की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घरों की कीमत में करीब तीन फीसदी की गिरावट हुई है।

जानकारी के अनुसार, घरों की कीमत गिरने के पीछे की मुख्य वजह मांग में कमी को बताया जा रहा है। सबसे अधिक गिरावट पुणे में सात फीसदी और मुंबई में पांच फीसदी के तौर पर हुई है। दरअसल, बिल्डरों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें प्रॉपर्टी की कीमतों में कटौती करनी पड़ी है।

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नाईट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में घर के दाम छह साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, इसके साथ ही 2 फीसदी दामों में और कमी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नए प्रोजेक्ट में सस्ते घरों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, वर्ष 2016 में यह 53 फीसदी थी जबकि 2017 में यह 83 फीसदी पहुंच गई है।