हैदराबाद:लोग अब पैसे कमाने के लिए रोजगार के अलग-अलग साधन ढूंढते हैं। ऐसा ही वरंगल का रहने वाला एक युवक किरण कुमार है।वह हैदराबाद की एक प्रमुख साफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। सुबह 8.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक वह काफी व्यस्त रहता है। हर महीने उसकी वेतन 45 हजार रुपये है। हर सप्ताह वह फिल्म देखता है और होटल में खाना खाता है। इस तरह उसे जो वेतन मिलता है उसे रहने और खाने पीने के लिए खर्च करता है।

इसे भी पढ़ें:

सिख कैब चालक पर हमला परेशान करने वाला : अमेरिकी सांसद

अधिकार समूहों ने न्यूयार्क में सिख कैब चालक पर हमले की निंदा की

सरकार की बेरुखी से तंग आकर कैब चालक ने किया आत्मदाह का प्रयास

इससे उसने पैसे बचाने का एक अनोखा तरीका ढूंढ निकाला। उसने सुबह साफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में काम करते हुए रात 8.00 बजे से 1.00 बजे तक कैब चलाने का निर्णय लिया। इसके लिए उसने अपने पास मौजूद 9 लाख रुपये की कार को एक प्रमुख कैब कंपनी में लॉग इन किया। हर रोज 5 से 6 घंटे तक ड्राइविंग का मजा लेते हुए हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा रहा है। हैदराबाद में ऐसे कई साफ्टवेयर प्रोफेशनल हैं जो दिन में साफ्टवेयर कंपनी में काम कर रात में कैब चलाते हैं।

एक प्रमुख कैब संस्था के अनुमान के अनुसार रात में कैब चलाने वालों में ज्यादातर साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। हैदराबाद में दो प्रमुख संस्थाओं से संबंधित एक लाख कैब चल रहे हैं। हालांकि रात 7.00 बजे से तड़के 4.00 बजे तक काफी कम कैब चलते हैं। ऐसे समय चलने वाले 28 प्रतिशत कैब साफ्टवेयर इंजीनियर चलाते हैं। इनके अलावा 18 प्रतिशत अन्य निजी संस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारी कैब चलाते हैं। कुल मिलाकर 46 प्रतिशत कैब चालक ऐसे हैं जो किसी ना किसी निजी संस्थाओं में काम करते हैं और वे अतिरिक्त आमदनी के लिए कैब चलाते हैं।