हैदराबाद / लखनऊ: शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने दावा किया है कि मदरसों से आतंक पनप रहा है। लिहाजा मदरसों की पढ़ाई को मुख्यधारा से जोड़ने की दरकार है।

वसीम रिजवी ने सवालिया लहजे में पूछा कि मदरसों से कितने आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर अभी तक निकले हैं। कुछ मदरसों से आतंकवादी तक निकल रहे हैं। वसीम ने यहां तक कहा कि मदरसों में गैर मुस्लिमों को भी पढ़ने की इजाजत होनी चाहिए। साथ ही इन्हें सीबीएसई, आईसीएसई या फिर राज्य शिक्षा बोर्ड से मान्यता अनिवार्य की जानी चाहिए।

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वसीम रिजवी ने माना कि कुछ मदरसों में आतंकवादी गतिविधियां जारी है।

वसीम रिजवी के इन बयानों पर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने रिजवी को जोकर और अवसरवादी करार दिया। ओवैसी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वसीम रिजवी ने अपनी आत्मा को आरएसएस के हाथों बेच दिया है।

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ओवैसी ने वसीम रिजवी को चुनौती दी कि वे किसी एक मदरसे में आतंकी गतिविधि होने का सुबूत दे दें। अगर ऐसा है तो उन्हें सुबूत के साथ इस बारे में देश के गृह मंत्री को इत्तला करनी चाहिए।

इससे पहले उत्तराखंड में मदरसों ने राज्य सरकार के उस आदेश को मानने से इनकार किया था। जिसमें कहा गया था कि मदरसों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाई जाय। मौलवियों ने एक सुर में इसे शरिया के खिलाफ बताया।